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Udhampur News: 13 साल बाद भी अधूरी पड़ी हाई स्कूल की इमारत, जर्जर फर्श और जलभराव से विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल

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उधमपुर। जोन डुडु बसंतगढ़ के अंतर्गत आने वाले गवर्नमेंट हाई स्कूल रायचक में अधूरी पड़ी दो मंजिला इमारत, जगह-जगह टूटा फर्श और बारिश के दौरान होने वाला जलभराव विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
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स्कूल में 150 बच्चों में से ज्यादातर छात्राएं शिक्षा प्राप्त करती हैं। वर्ष 2014 में स्कूल को मिडिल से हाई स्कूल का दर्जा दिया गया था। इसके बाद दो मंजिला नई इमारत का निर्माण शुरू किया गया, जिसमें कुल छह कमरे बनाए जाने थे। हालांकि, पहली मंजिल पर तीन कमरे तो तैयार कर दिए गए, लेकिन ऊपरी मंजिल के तीन कमरे आज तक अधूरे पड़े हैं। करीब 13 वर्ष बीतने के बावजूद भवन का काम पूरा नहीं होने से स्कूल को पर्याप्त कक्षाओं की सुविधा नहीं मिल पा रही है। वर्तमान में नई इमारत के ग्राउंड फ्लोर के तीन कमरों में भी बिजली की उचित व्यवस्था नहीं है। वहीं पुरानी इमारत के तीन कमरों को भी कक्षाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। कुल छह कमरों में करीब 10 कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। स्कूल में शौचालय, रसोई, स्टाफ रूम और कार्यालय की सुविधा तो उपलब्ध है, लेकिन कक्षाओं की कमी और भवन की खराब स्थिति के कारण विद्यार्थियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

शिक्षण व्यवस्था भी होती है प्रभावित

स्कूल में वर्तमान में कुल आठ शिक्षक कार्यरत हैं, जिनमें दो नियमित शिक्षक, तीन आरईटी और तीन सीआरसी शिक्षक शामिल हैं। जानकारी के अनुसार सीआरसी शिक्षकों की तैनाती भी कई बार केवल चार से पांच महीने की अवधि के लिए की जाती है, जिससे शिक्षण व्यवस्था को लगातार प्रभावित होने की चिंता बनी रहती है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार कई बार शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्कूल के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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कोट
बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी जरूरी है। जब इमारत वर्षों से अधूरी पड़ी है और बारिश में स्कूल परिसर में पानी भर जाता है, तो विभाग को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।
- वकील सिंह, स्थानीय निवासी।

स्कूल को हाई स्कूल का दर्जा मिले करीब 13 साल होने वाले हैं, लेकिन नई इमारत आज तक पूरी नहीं हुई। सरकार और शिक्षा विभाग को अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा करवाना चाहिए।
- फारूक अहमद, पूर्व सरपंच।



कमरों की कमी के बावजूद उपलब्ध कमरों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। भवन के अधूरे हिस्से और अन्य समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के समक्ष पहले भी कई बार उठाया जाता रहा है।-

हौशिर सिंह, अभिभावक।

सरकार से अपील है कि स्कूल का निर्माण कार्य जल्द पूरा होना चाहिए और स्कूल में बिजली की भी व्यवस्था करवाई जाए। ताकि गर्मियों में बच्चों को पढ़ने में कोई परेशानी न हो।-
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सैफुद्दीन, पूर्व पंच।



इस मामले की कोई जानकारी नहीं है, स्कूल की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया जाएगा।
- सुनील खजुरिया, मुख्य शिक्षा अधिकारी।
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