उधमपुर। डुग्गर प्रदेश में तम्देह पर्व (आषाढ़ संक्रांति) का बहुत बड़ा महत्व है। पर्व को लेकर बाजार रंग-बिरंगे मिट्टी के घड़ों और पंखों से सज गए हैं। इस अवसर पर लोग अपनी विवाहित बेटियों, कुल पुरोहित एवं ब्राह्मणों को भोजन कराते हैं तथा घड़ा, पंखा सहित अन्य पारंपरिक वस्तुएं भेंट करते हैं। इसी के चलते बाजारों में इन सामान की मांग काफी बढ़ गई है।
पर्व से दो दिन पहले ही खरीदारी शुरू हो गई थी। बाजार में उपलब्ध मिट्टी के घड़ों में कुछ स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए हैं, जबकि कुछ घड़े पंजाब, चंडीगढ़ और गुजरात से मंगवाए गए हैं। इनमें साधारण घड़ों के साथ-साथ आकर्षक प्रिंट और पेंटिंग वाले घड़े भी ग्राहकों को खूब पसंद आ रहे हैं। बाजार में घड़ों की कीमत 100 रुपये से लेकर 500 रुपये तक है। दुकानदारों के अनुसार 200 रुपये वाले घड़ों की सबसे अधिक बिक्री हो रही है।
मिथुन राशि में प्रवेश करेंगें सूर्य देव
रामनगर के पंडित सत्स मूर्ति शर्मा ने बताया कि सूर्य देव बुधवार को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगें। उसके बाद आषाढ़ महीना प्रारंभ हो जाता है। बुधवार को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट पर सूर्यदेव का मिथुन राशि में प्रवेश होगा। इस संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 5 बजकर 38 मिनट से मध्यान्ह्न 2 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। जरूरतमंदों को जल से भरा घड़ा और पंखा दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है तथा पितृ दोषों का निवारण होता है।
कोट
प्रतिदिन करीब 50 से 60 घड़े बिक रहे हैं। ग्राहकों की पहली पसंद नल वाले घड़े बने हुए हैं, जिनकी मांग अन्य घड़ों की तुलना में अधिक है।
- हरदेव सिंह, स्थानीय दुकानदार।
पर्व से बाजार में अच्छी रौनक लौट आई है। ग्राहक इस बार साधारण घड़ों के बजाय नल वाले और प्रिंट पेंट वाले घड़ों को अधिक पसंद कर रहे हैं।
- अशोक शर्मा, स्थानीय दुकानदार