पौनी। ब्लॉक पौनी के विभिन्न क्षेत्रों में बंदरों से लोग खासकर किसान वर्ग परेशान है। बंदरों के झुंड खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे किसानों के लिए खेती करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
माड़ी नाला पंचायत के किसान सुनील शर्मा और कान्हा पंचायत के सतपाल ने बताया कि क्षेत्र के अधिकांश लोग खेती-बाड़ी पर निर्भर हैं। किसान अपनी उपजाऊ जमीन पर मौसम के अनुसार मक्की, धान और गेहूं सहित अन्य फसलें उगाकर अपने परिवार की जरूरतें पूरी करते थे। घर में तैयार होने वाली फसल के कारण उन्हें बाजार से कम राशन खरीदना पड़ता था।
किसानों का कहना है कि पिछले करीब दो वर्षों से क्षेत्र में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बंदरों के झुंड फसल तैयार होने से पहले ही खेतों में पहुंचकर उसे नष्ट कर देते हैं। कई बार किसानों को खेत में डाले गए बीज तक की उपज नहीं मिल पाती। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और गरीब परिवारों के लिए अपने घर की जरूरत का अनाज उगाना भी मुश्किल हो गया है।
उन्होंने बताया कि अब बंदरों का उपद्रव खेतों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वे लोगों के घरों तक भी पहुंचने लगे हैं, जिससे ग्रामीणों में चिंता बढ़ रही है। किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है कि बंदरों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ब्लॉक के सैकड़ों किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो सकते हैं, जिसका असर ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर पड़ेगा।