पौनी। ब्लॉक में 23 पंचायतें होने के बावजूद भी क्रिकेट खेलने लिए कोई खेल मैदान नहीं है। क्रिकेट प्रेमी वर्षों से स्टेडियम बनाने की मांग कर रहे हैं।
लैड निवासी विक्की शर्मा ने कहा, मेरा शोक था कि मैं क्रिकेट में अपना नाम बनाऊं लेकिन खेल मैदान न होने से परेशानी हो रही है। कस्बे में एक मात्र छोटा सा मिनी स्टेडियम है वहां पर दंगल आयोजित होते हैं। किसी भी नेता ने बच्चों को खेलने के लिए खेल मैदान की बात नहीं की और ऐसे लगता है की आगे भी कोई बात नहीं करेगा।
कान्हा निवासी विमल शर्मा ने कहा, सरकार लाखों रुपए खर्च करती है ताकि बच्चे खेलें और शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत हों। पौनी ब्लॉक में 23 पंचायतें होने के बावजूद इतने बड़े ब्लॉक में क्रिकेट खेलने लायक एक भी खेल मैदान नहीं है। इसके जिम्मेदार सभी स्थानीय नेता हैं, जिन्होंने इस तरफ ध्यान नहीं दिया। हम भी आईपीएल में खेल कर अपना व देश का नाम रोशन करना चाहते थे।
पौनी निवासी भरत रैना ने कहा कि बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान न होना चिंता की बात है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
भांबला निवासी रंजीत पुरी ने कहा, भांबला में क्रिकेट के लिए कोई खेल मैदान नहीं है। आज क्रिकेट को बहुत देखा व खेला जाता है लेकिन यहां के बच्चों के खेलने के लिए खेल मैदान ही नसीब नहीं है।
कोट
हमने खेल प्रेमियों के लिए खेल मैदान बनाने के लिए डीडीसी फंड से दस लाख रुपए खर्च किए हैं। रनसु टैक्सी स्टैंड के पास करीब 48 कनाल जमीन में यह मल्टीपर्पस स्टेडियम बनाया जा रहा है। जिसको कुछ और पैसों की जरूरत है उसके लिए खेल मंत्री सतीश शर्मा को पत्र लिखा गया है।
-केवल कृष्ण, जिला विकास परिषद सदस्य पौनी-ए
खेल मैदान के लिए दो सरकारी जगह दिखाई हैं ताकि बच्चों के लिए उचित खेल मैदान बन सके। इसके लिए पूर्व जिला आयुक्त को भी अवगत करवाया था। अब विधायक कुलदीप राज दुबे को भी बताया है। उम्मीद है कि जल्द कोई उचित जगह देख कर खेल मैदान बनाया जाएगा।
-रीता शर्मा, जिला विकास परिषद सदस्य पौनी