उधमपुर। पंचायत बारटा में वेटरनरी अस्पताल न होने के चलते गांव वासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं गांव वासियों को अपने बीमार मवेशियों को लेकर 3 किलोमीटर दूर जोनू पंचायत में जाना पड़ रहा है। हालांकि पंचायत में वेटरनरी अस्पताल या डिस्पेंसरी न होने के कारण हर साल कई मवेशी समय पर इलाज न मिल पाने के कारण मारे जाते हैं। इसके चलते गांव वासियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
हालांकि गांव वासियों ने क्षेत्र में होने वाली कई प्रशासनिक बैठकों के अलावा बैक टू विलेज प्रोग्राम के तहत क्षेत्र में वेटरनरी अस्पताल या डिस्पेंसरी बनाने की मांग की थी। उसके बावजूद आज तक क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से डिस्पेंसरी तक नहीं खोली गई है। इस संदर्भ में पूर्व सरपंच लीला देवी ने बताया कि क्षेत्र में वेटरनरी डिस्पेंसरी खोलने को लेकर वह कई बार विभाग के अधिकारियों से मिल चुकी हैं लेकिन उसके बावजूद आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में तकरीबन 5 हजार के करीब मवेशी है। लोगों को अपने बीमार मवेशी के इलाज के लिए जोनू पंचायत के अस्पताल जाना पड़ रहा है। उन्होंने एक बार फिर से स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन से जल्द से जल्द क्षेत्र में वेटरनरी डिस्पेंसरी खोलने की मांग की है ताकि लोगों को आ रही समस्या से निजात मिल सके।