स्कूल के बरामदे में बैठकर पढ़ते विद्यार्थी।
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उधमपुर। सरकारी हाई स्कूल लड्डन की इमारत की खस्ताहाल होने के कारण इसे असुरक्षित घोषित किया गया है। हालांकि स्कूल परिसर में अतिरिक्त तीन कमरे और हैं। जहां पर मौजूदा समय में 160 बच्चे पढ़ाई कर रहे है। स्कूल में बच्चों की संख्या अधिक होने के चलते कुछ बच्चों को बाहर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है तो कहीं एक साथ दो से तीन कक्षाओं के बच्चे एक साथ बैठकर पढ़ने को मजबूर हैं।
जानकारी के मुताबिक स्कूल परिसर में बनी पुरानी इमारत की दीवारों में दरारें पड़ने के साथ ही उस पर लगी टिन भी सड़ गई है। हालांकि इस इमारत को 2023 में असुरक्षित घोषित करार दिया गया है। लेकिन उसके बावजूद इस इमारत को अभी तक डिस्मेंटल नहीं किया जा सका है। खराब मौसम के चलते इसके ढहने का खतरा है।
इस संदर्भ में पूर्व सरपंच निशा रानी व स्थानीय लोगों में ओम प्रकाश, कृष्ण लाल, प्रेम नाथ, बोध राज, अशोक कुमार, सतपाल शर्मा सहित अन्य का कहना है कि स्कूल में बनी पुरानी इमारत 50 साल पुरानी है। 2023 में इस इमारत को असुरक्षित घोषित करार किया गया था, लेकिन हैरानी की बात यह है कि 2022 से 2025 आ गया लेकिन अभी तक स्कूल परिसर में बनी इस इमारत को डिस्मेंटल नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि स्कूल में बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त कमरे न होने के कारण वह कई बार शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों से नई इमारत बनाने की गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोट
विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि स्कूलों की खस्ताहाल इमारतों की मरम्मत करवाई जाए। स्कूल की नई इमारत बनाने के लिए प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेज दिया है। मंजूरी मिलते ही इमारत का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
-कल्पना जसरोटिया, डिप्टी सीईओ