उधमपुर। हर साल विश्व लिवर दिवस 19 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य लिवर के स्वास्थ्य के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़े रोगों के बारे में जानकारी देना है।
मौजूदा समय में खासतौर पर युवा वर्ग में खानपान पर ध्यान न देना और फास्ट फूड का अधिक मात्रा में सेवन करना लिवर की बीमारी का कारण बनता जा रहा है। इसके चलते काफी संख्या में लिवर फेटी से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं।
हालांकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को डाक्टर की ओर से लिवर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, शराब का सेवन न करना और हेपेटाइटिस संक्रमण से बचाव जैसी जानकारी दी जाती है। लिवर खराब होने पर मरीज को इस तरह से संकेत मिलते हैं। जिसमें पीलिया, पेट में दर्द, भूख न लगना, मतली और उल्टी, पैर में सूजन, पीले रंग का पेशाब आना शामिल हैं। इसके चलते रोजाना अस्पताल में 10 से 15 मामले लिवर फेटी के सामने आ रहे हैं।
लिवर खराब होने के लक्षण
- लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना
- त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (पीलिया)
- भूख कम लगना या भोजन से घृणा करना
- मतली और उल्टी आना लिवर खराब होने के शुरुआती संकेत है
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या बेचैनी होना लिवर की सूजन का संकेत है।
- भूख कम लगना या तेजी से वजन कम होना।
- गहरे पीले रंग का मूत्र आना।
- पैर या घुटनों में सूजन आना।
बीमारी से बचने के उपाय
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स्वस्थ आहार :
संतुलित आहार लें जिसमें फल, सब्जियां, साबूत अनाज और लीन प्रोटीन शामिल हो।
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नियमित व्यायाम:
नियमित रूप से व्यायाम करें ताकि लिवर स्वस्थ रहे।
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शराब के सेवन से बचें :
शराब के सेवन से बचें, क्योंकि इसका सेवन लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।
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हेपेटाइटिस संक्रमण से बचें :
हेपेटाइटिस संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाएं और हेपेटाइटिस ए और बी के लिए टीका लगवाएं।
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स्वस्थ वजन बनाए रखें:
स्वस्थ वजन बनाए रखने से लिवर पर तनाव कम होता है।
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डिटॉक्सिंग:
पानी, नींबू पानी, ग्रीन टी और हल्दी वाला दूध जैसे तरल पदार्थ लीवर को साफ करने में मदद कर सकते हैं।
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समय-समय पर जांच करवाएं:
नियमित रूप से लिवर फंक्शन टेस्ट करवाएं ताकि लीवर की बीमारी का जल्दी पता चल सके।
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डॉक्टर से सलाह लें:
यदि आपको लीवर की बीमारी के कोई लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
अन्य महत्वपूर्ण बातें:
- वजन कम करे: यदि आप अधिक वजन वाले हैं तो वजन कम करना लिवर के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
- धूम्रपान से बचें: धूम्रपान से लिवर को नुकसान पहुंच सकता है और कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
- तनाव कम करें: तनाव लिवर के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है, इसलिए तनाव कम करने के लिए योगा, ध्यान या अन्य तनाव-शामक तकनीकों का उपयोग करें।
- दवाओं का उपयोग सीमित करें: अनावश्यक दवाओं से बचें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवाओं का उपयोग करे।
इस संदर्भ में जीएमसी अस्पताल के डाॅ. विनोद गुप्ता का कहना है कि मौजूदा समय में अस्पताल में होने वाली रोजाना ओपीडी में ज्यादातर मामले लिवर फेटी के ही आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें लिवर की बीमारियों से बचने के लिए अपनी जीवन शैली को बदलने की जरूरत है। रोजाना व्यायाम करना, फास्ट फूड से दूर रहना, शराब के सेवन से खुद को बचाना, तनाव हावी न होने देना, धूम्रपान नहीं करना, वजन को बढ़ने नहीं देना जैसी सावधानियां बरतने से हम लिवर की बीमारी से अपने आपको बचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर किसी मरीज को पेट में दर्द, भूख न लगना, मतली और उल्टी, पैर में सूजन, पीले रंग का पेशाब आना शुरू होता है तो उसे फौरन अस्पताल में आकर अपने स्वास्थ्य की जांच करवानी चाहिए। ताकि वह समय रहते अपने लिवर को खराब होने से बचा सके।