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Udhampur News: पखलाई में आयुष डिस्पेंसरी में चतुर्थ श्रेणी कर्मी कर रहा इलाज

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उधमपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के साथ लगते पखलाई क्षेत्र में बनाई गई आयुष डिस्पेंसरी में स्टाफ ही नहीं है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लोगों का इलाज कर रहा है और दवा दे रहा है। इतना ही नहीं डिस्पेंसरी की अपनी कोई इमारत नहीं है। इमारत बनाने के लिए
लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने के लिए कई दशक पहले आयुष डिस्पेंसरी बनाई गई थी। ताकि क्षेत्र के साथ साथ आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिल सके। हैरानी यह है कि पहले यह डिस्पेंसरी किराये की इमारत में चल रही थी। इसके बाद पूर्व सरपंच व स्थानीय लोगों ने कम्युनिटी हॉल में शिफ्ट किया, लेकिन वहां पर भी जगह की तंगी के चलते काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अब स्टाफ न होने से भी लोगों स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है।
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इस संदर्भ में पूर्व सरपंच करनैल सिंह ने बताया कि पिछले साल जिला कैपेक्स बजट के तहत डिस्पेंसरी की इमारत बनाने के लिए 42.50 लाख रुपये मंजूर भी हुए थे, लेकिन उसके बावजूद अभी तक डिस्पेंसरी की इमारत का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले जहां किराये के कच्चे कमरे में यह डिस्पेंसरी चल रही थी उसकी हालत भी खस्ता हो गई थी। जिसके चलते इसे कम्युनिटी हाल में शिफ्ट करना पड़ा।
उन्होंने बताया कि इस डिस्पेंसरी में सात गांवों के तकरीबन 10 हजार से ज्यादा लोग अपना इलाज करवाने के लिए आते हैं, लेकिन डिस्पेंसरी में न तो कोई फार्मासिस्ट, एनओ, फीमेल मल्टीपर्पज तक नहीं है। मौजूदा समय में चतुर्थ श्रेणी का एक कर्मचारी लोगों को बुखार, दस्त, व उल्टी की दवाईयां दे रहा है। जिसके चलते लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर डिस्पेंसरी की इमारत के लिए पैसा मंजूर हो गया है तो फिर उसका निर्माण कार्य क्यों नहीं शुरू किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व डीसी उधमपुर से जल्द से जल्द डिस्पेंसरी की इमारत का निर्माण कार्य व स्टाफ की कमी को दूर करने की मांग की है।
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स्टाफ की कमी पूरी करेंगे : डॉ. सुरेखा
इस संदर्भ में जिला आयुर्वेदिक अफसर डॉ. सुरेखा पंडित का कहना है कि डिस्पेंसरी में स्टाफ की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि जिस मेडिकल अफसर को कुछ साल पहले लगाया गया था उसकी अटैचमेंट होने के बाद अभी तक कोई भी अन्य डाक्टर डिस्पेंसरी में नहीं आया है। विभाग के पास स्टाफ की बहुत कमी है। उन्होंने कहा कि फिर भी प्रयास किए जाएंगे कि डिस्पेंसरी में स्टाफ की कमी को पूरा किया जाए। उन्होंने बताया कि पैसा पिछले साल डिस्पेंसरी की इमारत बनाने के लिए आया था, लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से सिर्फ मिट्टी की जांच के बाद कोई काम नहीं किया गया जिसके चलते वो पैसा भी लैप्स हो गया है। अब डिस्पेंसरी की इमारत बनाने के लिए फिर से प्लान में रखा जाएगा।
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