फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Udhampur News: सुनासेरी में लोक महोत्सव संपन्न, समृद्ध पहाड़ी विरासत की झलक दिखी

विज्ञापन
विज्ञापन
रामबन। रामबन के पोगल परिस्तान क्षेत्र स्थित सुरम्य सुनासेरी (गुगलीधार) के मैदान में रविवार को दो दिवसीय लोक महोत्सव का समापन हुआ। इस अवसर पर पारंपरिक संगीत, लोक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और स्थानीय व्यंजनों ने लोगों का मन मोह लिया। महोत्सव में हजारों स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने भाग लिया।
विज्ञापन

महोत्सव में पहाड़ी समुदाय की समृद्ध लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और जातीय पहचान को प्रदर्शित किया गया। साथ ही सुनासेरी को ग्रामीण एवं इको-टूरिज्म के उभरते गंतव्य के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया।
स्थानीय लोगों की तरफ से जिला प्रशासन रामबन, पर्यटन निदेशालय जम्मू तथा जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य क्षेत्र की स्वदेशी संस्कृति को बढ़ावा देना और पर्यटन विकास में स्थानीय समुदाय की भागीदारी को मजबूत करना था।
विज्ञापन

समापन समारोह में रामबन के विधायक अर्जुन सिंह राजू और उपायुक्त रामबन मोहम्मद इलियास खान ने शिरकत की। इस अवसर पर एसएसपी रामबन अरुण गुप्ता, एसडीएम रामसू सैयद मजाहिर हुसैन शाह, नागरिक एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर विधायक अर्जुन सिंह राजू ने सुनासेरी में नव विकसित पर्यटन ढांचे और पर्यटक सुविधाओं का उद्घाटन किया। लोक निर्माण (आरएंडबी) विभाग की तरफ से लगभग 2.17 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित इन सुविधाओं में ईको-लॉग हट्स, व्यूपॉइंट, बेंच, बेहतर जल निकासी व्यवस्था और संपर्क पथ शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखते हुए पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने सुनासेरी को रामबन जिले के सबसे खूबसूरत लेकिन अपेक्षाकृत अनछुए पर्यटन स्थलों में से एक बताते हुए कहा कि मानसून के बाद इस महोत्सव को हर वर्ष आयोजित करने के प्रयास किए जाएंगे ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया जा सके और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं आय के अवसर बढ़ाए जा सकें।
उपायुक्त मोहम्मद इलियास खान ने भी आयोजकों, प्रतिभागियों और स्थानीय समुदाय को महोत्सव की शानदार सफलता के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि महोत्सव ने क्षेत्र की समृद्ध पहाड़ी विरासत, लोक परंपराओं, पारंपरिक संगीत, स्थानीय व्यंजनों और सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान किया।
दो दिवसीय महोत्सव के दौरान रंगारंग पहाड़ी लोक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, पारंपरिक संगीत और नृत्य, स्थानीय कला विधाओं का प्रदर्शन, ग्रामीण खेल प्रतियोगिताएं तथा कैंपिंग गतिविधियां आयोजित की गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें