रामबन। भारतीय सेना ने सोमवार रात जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-44) पर फंसे सैकड़ों ट्रक चालकों और अन्य यात्रियों को भोजन तथा पेयजल वितरित कर मानवीय सेवा का परिचय दिया। यह सहायता उधमपुर जिले के देवाल क्षेत्र में सोमवार सुबह हुए भीषण भूस्खलन के कारण राजमार्ग पर यातायात बाधित होने के बाद प्रदान की गई।
यह राहत अभियान सेना द्वारा श्री अमरनाथ यात्रा की सुरक्षित एवं सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलाए जा रहे रात्रि प्रभुत्व (नाइट डॉमिनेशन) अभियान के दौरान संचालित किया गया।
देवाल क्षेत्र में हुए भारी भूस्खलन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग कई घंटों तक अवरुद्ध रहा। इससे नाशरी से रामबन के बीच सैकड़ों ट्रक, यात्री वाहन और अन्य वाहन लंबी कतारों में फंस गए। कई यात्रियों को घंटों तक भोजन और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना इंतजार करना पड़ा।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एनएच-44 और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा में तैनात सेना के जवानों ने यात्रियों की कठिनाइयों को देखते हुए तत्काल मानवीय सहायता अभियान शुरू किया। सेना की गश्ती टुकड़ियां रात के दौरान रामबन से चिनैनी सुरंग तक राष्ट्रीय राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों में पहुंचीं और फंसे हुए ट्रक चालकों, वाहन संचालकों, यात्रियों तथा अन्य लोगों को भोजन और पेयजल वितरित किया।
इस बीच राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें देवाल भूस्खलन स्थल पर मलबा हटाने और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बहाल करने के कार्य में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा शुरू करने से पहले आधिकारिक यातायात सलाह का पालन करने की अपील की है।