छपरा नाले पर बना डबल-लेन स्टील ब्रिज।
- फोटो : ramban news
रामबन। जिले के दूर-दराज के इलाकों में रोड कनेक्टिविटी को बढ़ावा देते हुए बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ ) ने 52 आरसीसी और 760 बीआरटीएफ के तहत संगलदान में छपरा नाले पर 45 मीटर लंबा डबल-लेन स्टील सुपरस्ट्रक्चर ब्रिज का काम पूरा कर लिया है। इस प्रोजेक्ट से रामबन-गूल-संगलदान-माहोर रूट पर बिना रुकावट कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
एक किलोमीटर की अप्रोच रोड सहित 9 करोड़ की लागत से बने इस ब्रिज को जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (ग्रेफ) ने बनाया है। 45 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा यह स्ट्रक्चर एक कमजोर हिस्से की जगह लेगा। इससे आने-जाने वालों, खासकर स्टूडेंट्स, मरीज़ों और सरकारी कर्मचारियों को बार-बार परेशानी होती थी।
वर्षों से छपरा नाला एक बड़ी रुकावट बना हुआ था। इससे अक्सर सड़क संपर्क टूट जाता था और खराब मौसम में लोग फंस जाते थे। पुल के बन जाने से स्थानीय लोगों को बहुत राहत मिली है, जिन्होंने इसे लंबे समय से चली आ रही मांग और इलाके के लिए एक ड्रीम प्रोजेक्ट बताया। लोगों ने सरकार और बीआरओ का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि नया पुल हेल्थकेयर और शिक्षा जैसी ज़रूरी सेवाओं तक पहुंच को बहुत बेहतर बनाएगा और साथ ही आर्थिक मौके भी बढ़ाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रोजेक्ट दूर-दराज और पहाड़ी इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने, हर मौसम में कनेक्टिविटी बनाए रखने और इलाके के विकास को बढ़ावा देने के सरकार के वादे का सबूत है। अब जब यह पुल चालू हो गया है तो उम्मीद है कि खराब मौसम में भी रामबन-गूल-संगलदान-माहोर कॉरिडोर खुला रहेगा, जो इस इलाके की पूरी तरक्की के लिए एक बड़ा कदम होगा।
छपरा नाले पर बना डबल-लेन स्टील ब्रिज।- फोटो : ramban news
छपरा नाले पर बना डबल-लेन स्टील ब्रिज।- फोटो : ramban news