रामनगर। रामनगर से चौकी घोरड़ी जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित गुरलांग पुल बरसात के दिनों में लोगों के लिए खतरे का पर्याय बनता जा रहा है। हर बारिश के दौरान पुल पर पानी भर जाने से वाहन चालकों, स्कूली छात्रों, कर्मचारियों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पुल से कई गांवों का संपर्क जुड़ा होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं। बारिश के समय पुल पर पानी जमा हो जाने से आवागमन जोखिम भरा हो जाता है।
मेटाडोर यूनियन के प्रधान उत्तम सिंह, वाहन चालक सतपाल सिंह, सतीश कुमार, संसार चंद, अजय कुमार, राम सिंह, कुलदीप सिंह, संजय ने बताया कि गुरलांग पुल के माध्यम से डालसर, बडोल, पंजग्रा, नगरोटा, बटोटा, सुरनी, चौकी, कटवालत, घोरड़ी, प्रिया, सुला सहित करीब 20 से अधिक गांवों का संपर्क रामनगर से बना हुआ है। प्रतिदिन इस मार्ग से मेटाडोर, बसें, यात्री ऑटो तथा निजी वाहन गुजरते हैं। बारिश के दौरान पुल पर पानी भर जाने के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर पुल पार करना पड़ता है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि पुल पर जलभराव के दौरान पुल किनारे मिट्टी जमा हो जाती है। इससे सड़क फिसलन भरी बन जाती है। यदि इसी दौरान किसी भारी वाहन का संतुलन बिगड़ जाए या बाइक चालक फिसल जाए तो बड़ा हादसा होने की आशंका होती है। वाहन चालकों ने संबंधित विभाग से मांग की कि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना हो सकती है।
वाहन चालकों ने संबंधित विभाग को चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी विभाग की होगी। उन्होंने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर राहत दिलाने की मांग की है।
कोट
गुरलांग पुल क्षेत्र की जीवनरेखा है। प्रतिदिन सैकड़ों यात्री इसी मार्ग से सफर करते हैं। हर बारिश में पुल पर पानी भर जाने से लोगों की जान खतरे में पड़ जाती है। प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग है कि पुल पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था कर स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
-उत्तम सिंह, मेटाडोर यूनियन प्रधान।
बारिश के समय पुल के दोनों ओर स्लिप वाली मिट्टी जमा हो जाती है और पुल पर पानी भर जाने से वाहन चलाना बेहद कठिन हो जाता है। इससे दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। विभाग को इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए।
-सतपाल सिंह, वाहन चालक
हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बन जाती है। स्कूली बच्चों, मरीजों, कर्मचारियों और किसानों को सबसे अधिक परेशानी होती है। संबंधित विभाग जल्द पुल का निरीक्षण कर जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करे ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
-संजय सिंह, ग्रामीण