रामनगर। कस्बे के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल नत्था सिंह पार्क में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया फाउंटेन वर्षों से बंद पड़ा है। रखरखाव के अभाव में यह फाउंटेन अब केवल शोपीस बनकर रह गया है। पार्क में सुबह-शाम सैर और व्यायाम करने आने वाले लोगों का कहना है कि यदि फाउंटेन चालू हो जाए तो पार्क की सुंदरता में चार चांद लग सकते हैं, लेकिन लंबे समय से इसकी सुध नहीं ली गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार फाउंटेन का निर्माण पार्क को अधिक आकर्षक बनाने और लोगों को बेहतर मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि निर्माण के वर्षों बाद भी इसे नियमित रूप से शुरू नहीं किया गया। वर्तमान में फाउंटेन के आसपास गंदगी जमा है और उसका सूखा ढांचा लोगों को निराश कर रहा है।
स्थानीय दुकानदार नंद मोहत्रा, अनिल गुप्ता और पुष्प राज ने बताया कि सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर फाउंटेन का निर्माण कराया था, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी तरह बेकार पड़ा है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग को जल्द इसकी मरम्मत कर इसे चालू करना चाहिए। उनका कहना है कि नत्था सिंह पार्क कस्बे की पहचान है और यदि फाउंटेन चालू हो जाए तो पार्क की खूबसूरती बढ़ने के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों पर भी अच्छा प्रभाव पड़ेगा।
स्थानीय निवासी संजय मोहत्रा ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह पार्क में व्यायाम करने आते हैं। वर्षों से फाउंटेन बंद पड़ा है और कई बार इसकी मरम्मत की मांग भी उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि फाउंटेन की शीघ्र मरम्मत कर उसे चालू किया जाए ताकि लाखों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का सही उपयोग हो सके। साथ ही पार्क के नियमित रखरखाव, साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान देने की मांग की गई है। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।