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Udhampur News: उधमपुर और रियासी को मिली बड़ी विकास परियोजनाओं की सौगात

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उधमपुर। जम्मू-कश्मीर में जलापूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उधमपुर और रियासी के लिए दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसमें उधमपुर के लिए 124.19 करोड़ की बहु-प्रतिक्षित अमृत 2.0 योजना के तहत जलापूर्ति विस्तार योजना और रियासी के लिए स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत 16.33 करोड़ की लागत वाली 3 एमएलडी यानी 30 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले सीवरेज उपचार संयंत्र के निर्माण की योजना शामिल है।
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जिला प्रशासन की तरफ से उधमपुर के रिवायत हाल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाएं जलापूर्ति, गंदे पानी के प्रबंधन, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इनके पूरा होने के बाद उधमपुर और रियासी में लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलने के साथ शहरों की नागरिक व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इस अवसर पर उधमपुर पश्चिम विधानसभा के विधायक पवन कुमार गुप्ता, रियासी के विधायक कुलदीप राज दूबे, जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण और जनजाति मामलों के मंत्री जावेद अहमद राणा, आवास और शहरी विकास विभाग की कमिश्नर एवं सचिव मंदीप कौर, एसीएस धीरज गुप्ता और जिला विकास आयुक्त मिंगा शेरपा मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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परियोजनाओं के शिलान्यास के उपरांत अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जिला उधमपुर और रियासी के लिए इन्हें बड़ी सौगात बताया। उन्होंने कहा कि उधमपुर में 124.19 करोड़ की बहु-प्रतिक्षित अमृत-2.0 योजना के तहत जलापूर्ति ढांचे में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह प्रोजेक्ट लंबे समय से चली आ रही पानी की जरूरतों को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना आगामी 15 सालों की जरूरतों के मद्देनजर तैयार की गई है। इससे शहर की बढ़ती आबादी के बावजूद पेयजल आपूर्ति की लगातार सप्लाई सुनिश्चित होगी उन्होंने कहा कि विभागीय जानकारी के मुताबिक अगले 18 से 20 महीनों में इस परियोजना को पूरा कर लोकार्पित कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही उन्होंने पानी की बर्बादी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत पुरानी पाईपों को नई पाईपों से बदला जाएगा, जिससे पानी की लीकेज की समस्या दूर होगी। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह आमजन तक पीने का साफ पानी पहुंचाए, वहीं नागरिकों का भी कर्तव्य बनता है कि वह विवेकपूर्ण तरीके से इसका इस्तेमाल करें, इसे बेकार न बहाएं। उन्होंने कहा कि हमने अभी तक सोच समझकर पेयजल आपूर्ति पर खर्चा या इसके बिलों में बढ़ोतरी नहीं की है। बिजली के मीटर लगाएं हैं लेकिन पानी के लिए अभी तक इस तरह का प्रावधान नहीं किया है लेकिन हमने ऐसा अनुभव किया है कि बिजली के मीटर लगने के बाद लोगों ने इसकी बेकार बर्बादी पर रोक लगा दी है लेकिन पेयजल पर अभी तक लोग अपनी इस जिम्मेदारी को नहीं निभा रहें हैं। उन्होंने कहा कि हमें जल संरक्षण के लिए धीरे-धीरे इसके इस्तेमाल का तरीका बदलना होगा और पेयजल को केवल पीने के लिए ही इस्तेमाल करना होगा। बारिश के पानी के संरक्षण पर भी विचार करना होगा। उन्होंने कहा कि मौसम का पैटर्न लगातार बदल रहा है और इसके हिसाब से हमें भी अपने तौर-तरीके बदलने की जरूरत है।

इस अवसर पर उन्होंने विधायक के नाम पर विपक्ष की भूमिका पर भी चुटकी ली। कहा कि आज विपक्ष में बैठे नुमाईदों को सरकार के काम नजर नहीं आते, यह लाजिमी है क्योंकि जब हम विपक्ष में थे तब हमें भी सरकार के काम नजर नहीं आते थे। उन्होंने कहा कि राजनीति में पक्ष और विपक्ष की जुगलबंदी जरूरी है, चुनाव में बेशक तल्खियां रहें लेकिन इसका असर विकास कार्यों पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए। हमारा प्रयास है कि हम सभी क्षेत्रों का समान रूप से विकास सुनिश्चित करें।
उधमपुर में जलापूर्ति व्यवस्था का विस्तार
उधमपुर में अमृत-2.0 योजना के तहत जलापूर्ति योजना के विस्तार पर 124.19 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य शहर की मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना और लोगों को पर्याप्त एवं बेहतर जलापूर्ति उपलब्ध कराना है। विभाग ने 18 से 20 महीनों में इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इसके पूरा होने से शहर में जलापूर्ति योजना में उल्लेखनीय सुधार होगा और अगले 15 सालों तक पानी की लीकेज और पानी की मात्रा में कमी जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
रियासी में 30 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता का सीवरेज उपचार संयंत्र
रियासी में स्वच्छ भारत मिशन-2 के तहत 3 एमएलडी यानी 30 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले सीवरेज उपचार संयंत्र का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 16.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे शहर के गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से उपचार और प्रबंधन किया जा सकेगा, जिससे स्वच्छता व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।



विधायक ने मुख्यमंत्री के समक्ष उठाए क्षेत्र के प्रमुख विकास मुद्दे

कार्यक्रम के दौरान विधायक पवन गुप्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्र के कई प्रमुख विकास मुद्दे भी उठाए और उनके समाधान की मांग की। इसमें सावलकोट सड़क परियोजना में आ रही बाधाओं को दूर कर काम में तेजी लाने, फलाटा-जखैनी और टीसीपी- दोमेल-मियां बाग सड़क के उन्नयन व ब्लैकटॉपिंग, सरकारी महिला डिग्री कॉलेज के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने तथा पंचैरी और मौंगरी के पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण और बेहतर सुविधाओं की मांग रखी। उन्होंने इन परियोजनाओं को क्षेत्र के विकास और लोगों की सुविधाओं से जुड़ा बताते हुए मुख्यमंत्री से आवश्यक कार्रवाई कर इन्हें जल्द आगे बढ़ाने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री ने उचित समाधान का आश्वासन दिया।
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