उधमपुर। जिले में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ शनिवार से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रविवार को भी लगातार जारी रही। भारी वर्षा के चलते जिले के कई हिस्सों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने, भूस्खलन, मड स्लाइड, शूटिंग स्टोन और भू-कटाव की घटनाओं के कारण कई प्रमुख सड़कें बाधित रहीं, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और सीवरेज व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन पहले ही सतर्कता एडवाइजरी जारी कर चुका है।
मौसम विभाग के अनुसार बीती रात से रविवार सुबह 8 बजे तक जिले में 102 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद दिनभर में शाम 5:30 बजे तक 5.4 मिमी और बारिश रिकॉर्ड की गई। दिन का अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
भू-कटाव से हाईवे सिंगल लेन में तब्दील
लगातार हो रही बारिश के कारण समरोली में देवल पुल के समीप जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे तेज भू-कटाव हुआ, जिससे हाईवे का लगभग 10 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर सिंगल लेन में बदल गया। प्रशासन ने यात्रियों से इस मार्ग पर अत्यधिक सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
भूस्खलन और मड स्लाइड से कई सड़कें बंद
तहसील पंचैरी के चुबु नाला में मड स्लाइड आने से पंचैरी मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। वहीं, तहसील मौंगरी के थाटली-पंजर क्षेत्र में शानी नाला रूढ़ियां के पास भारी मलबा आने से मौंगरी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। रामनगर तहसील के चौकी-कटवालत मार्ग पर भी भूस्खलन और भारी चट्टानें गिरने से सड़क करीब सात घंटे तक बंद रही। बाद में संबंधित विभाग की मशीनों ने मलबा हटाकर मार्ग को आंशिक रूप से बहाल किया।
अस्थायी कलवर्ट भी तेज बहाव में बहा
चिनैनी विधानसभा क्षेत्र के पखलाई रोड स्थित दक्खडू नाले पर कुछ दिन पहले ह्यूम पाइप के सहारे बनाया गया अस्थायी कलवर्ट भी तेज बहाव में बह गया। उल्लेखनीय है कि यह पुल पिछले वर्ष की बारिश में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था। नया पुल स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थानीय लोगों को एक बार फिर आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव
लगातार बारिश के कारण उधमपुर शहर और आसपास के निचले क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके साथ ही कई इलाकों में सीवरेज व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गईं।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, जबकि आपदा प्रबंधन दल, पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
कोट
लोग मौसम संबंधी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें। नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। आगामी कुछ दिनों तक जिले में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
-प्रेम सिंह, एडीसी