- कचरा फैलने और नालियां जाम होने से बढ़ी परेशानी
- सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में मची त्राहि-त्राहि, नालियां चौक होने से थमा पहिया
- तापमान में 6 डिग्री की गिरावट, सुहाने मौसम के बीच बदबू और गंदगी ने जीना किया मुहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। लंबे इंतजार के बाद शनिवार को हुए मौसमी बदलाव ने उधमपुर के लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत तो दी, लेकिन शहर में जारी सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल इस राहत पर आफत बनकर टूट पड़ी। सुबह हुई हल्की बारिश और दोपहर तक छाए काले बादलों से मौसम बेहद सुहाना हो गया, लेकिन इसी बारिश ने नगर परिषद के दावों और शहर की डंपिंग व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। कई दिनों से सड़कों पर लगा कचरे का ढेर बारिश के पानी के साथ बहकर मुख्य मार्गों और गलियों में फैल गया, जिससे पूरा शहर नरक में तब्दील होता नजर आया।
28 डिग्री पर पहुंचा पारा, लेकिन हवाओं में घुली बदबू
शनिवार सुबह से ही ठंडी हवाओं के चलने और दोपहर करीब दो बजे तक आसमान में काले बादल छाए रहने से लोगों ने राहत महसूस की। सड़कों और बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई। मौसम विभाग के अनुसार, दिन के अधिकतम तापमान में 6 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे पारा 28 डिग्री पर सिमट गया। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ऐसा ही उतार-चढ़ाव रहने की संभावना जताई है।
जाम हुईं नालियां, सड़कों पर बहा गंदा पानी
मौसम सुहाना होते ही सफाई व्यवस्था के संकट ने लोगों का मजा किरकिरा कर दिया। हड़ताल के चलते कई दिनों से जमा कूड़े के ढेर बारिश के पानी में बहकर सड़कों पर आ गए। इसके कारण शहर की नालियां और ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ब्लॉक हो गए। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को निकलने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इन प्रमुख इलाकों में स्थिति सबसे बदतर
शहर के वीआईपी और रिहायशी इलाकों समेत व्यापारिक केंद्रों का भी बुरा हाल रहा। खासकर संबल रोड और हाउसिंग कालोनी, एमएच मोड, कल्लर और बाडेयां, जखैनी, सलाथिया चौक क्षेत्र, आदर्श कालोनी, मुखर्जी बाजार, रामनगर चौक और बस स्टैंड में फैली रही अव्यवस्था। इन सभी क्षेत्रों में कचरे के ढेर लगे हैं और हवा में फैली भीषण बदबू के कारण स्थानीय निवासियों का घरों में बैठना भी मुहाल हो चुका है।
बीमारी फैलने का डर, तुरंत हस्तक्षेप करे प्रशासन
स्थानीय नागरिक राजकुमार, संजय चौधरी, ऋषि मल्होत्रा और शालू वर्मा ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि एक तरफ मौसम ने राहत दी है, तो दूसरी तरफ गंदगी के कारण महामारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। नगर परिषद के मुख्य डम्पिंग स्टेशनों से भी कचरा नहीं उठाया जा रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सफाई व्यवस्था को तुरंत बहाल कराया जाए। उधर, हड़ताली कर्मचारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, उनका आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।