उधमपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) उधमपुर की तरफ से जिले भर में जागरूकता कार्यक्रमों की एक शृंखला का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं डालसा अध्यक्ष कल्पना रेवो और उप-जज एवं डालसा सचिव सुमति शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के अधिकारों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा से संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूकता फैलाना था।
इसके तहत पहला कार्यक्रम भास्कर डिग्री कॉलेज उधमपुर के सहयोग से आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और जनता को महिलाओं के अधिकारों और उनके संरक्षण और सशक्तीकरण के लिए उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में संवेदनशील बनाना था। इसमें डालसा सचिव सुमति शर्मा ने विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की उपलब्धियों को उजागर किया।
वकील संजीत बावोरिया ने मुख्य वक्ता के रूप में महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर प्रकाश डाला और महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
इसी तरह डालसा टीम की तरफ से एक और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन वन स्टॉप सेंटर उधमपुर के सहयोग से किया गया। इस सत्र में महिलाओं के अधिकारों, हिंसा का शिकार हुई महिलाओं के लिए कानूनी उपायों और वन स्टॉप सेंटर द्वारा प्रदान की जाने वाली सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
इसके बाद, डालसा उधमपुर ने अधिवक्ता परिषद टीम उधमपुर के सहयोग से जिला कारागार उधमपुर में एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। मुख्य कानूनी सहायता रक्षा सलाहकार अधिवक्ता पवन गुप्ता ने इस कार्यक्रम में बतौर संसाधन व्यक्ति कार्य किया। उन्होंने महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण बनाने के महत्व पर जोर दिया और प्रतिभागियों से भेदभाव और हिंसा के खिलाफ खड़ा होने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने कानूनी सेवाएं और डालसा द्वारा पात्र व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी।
डालसा उधमपुर की ओर से नियुक्त सार्वजनिक अभियोजक शालिनी गुप्ता और दिव्या राजपूत ने भी जागरूक किया। इन कार्यक्रमों के दौरान पैरालीगल वॉलंटियर (पीएलवी) रजनी शर्मा को वन स्टॉप सेंटर में डालसा उधमपुर द्वारा आयोजित कानूनी जागरूकता गतिविधियों में उनके योगदान और सेवा के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। रामनगर और चिनैनी में स्थित तहसील विधिक सेवा समितियों ने भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर समान जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।