उधमपुर। विधानसभा क्षेत्र चिनैनी और रामनगर के अंतर्गत ब्लॉक घोरड़ी में दलाड-नीली नाला पुल बनाया जाएगा। इसे 2.6 करोड़ से बनाने की मंजूरी मिल गई है। इस पुल के बनने से जंद्रोड पंचायत और घोरड़ी खास ईस्ट पंचायत के बीच सीधा सड़क संपर्क स्थापित होगा। इससे साथ लगती लगभग 15 पंचायतों की लगभग 35 हजार आबादी को आवाजाही का लाभ मिलेगा।
जानकारी के मुताबिक यहां पहले एक पुराना फुट ब्रिज था, जिसके सहारे लोग ब्लाॅक मुख्यालय घोरडी तक आवाजाही करते थे। बाद में यह फुट ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हो गया और आसपास की 15 से अधिक पंचायतों की ब्लाॅक मुख्यालय तक की राह बाधित हो गई थी। लोग किसी तरह नाले को पार कर सफर करने को मजबूर थे। ग्रामीणों की समस्या के मद्देनजर यहां नये मोटर योग्य पुल बनाने की डीपीआर बनाकर भेजी गई थी, जिसे अब मंजूरी दी गई है। इस परियोजना को 2.6 करोड़ की लागत से पूरा किया जाएगा।
वहीं इस सदंर्भ में ब्लाॅक घोरडी की पूर्व बीडीसी चेयरमैन आरती शर्मा ने बताया कि फुट ब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से हमारे ब्लॉक की लगभग 20 से 25 पंचायतों के हजारों लोग परेशानी में थे। खासकर स्कूली बच्चों और कामकाजी लोगों को अपने गंतव्य तक आवाजाही में काफी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था। वहीं इस पुल के बनने से उनकी सालों पुरानी मांग पूरी होगी। उनकी लंबे समय से बनी परेशानी भी अब जल्द दूर होने जा रही है। खास कर उन सभी बच्चों के लिए यह बड़ी राहत है, जिनको घोरड़ी हायर सेकेंडरी और मिडिल स्कूल तक पहुंचने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता था। खासकर बारिश के दौरान नाले का जलस्तर बढ़ जाने से लोगों के लिए ब्लाॅक मुख्यालय तक का संर्पक पूरी तरह से कट जाता था। अब इस पुल के बनने से सड़क संपर्क बेहतर होगा।
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कोट
यह बहुत जरूरी पुल है। यह विधानसभा क्षेत्र रामनगर से ब्लाॅक घोरडी के लिए एक वैकाल्पिक मार्ग भी प्रदान करता है। इस पुल के बनने से खासकर डालसर, पटैडी, सूल, बढोल, चौकी, जंद्रोड़ इत्यादि पंचायतों को कम दूरी का एक आसान सड़क संपर्क हासिल हो जाएगा। दूसरा यह घोरडी से रामनगर के बीच आवाजाही करने वाले लोगों को भी वाया कघोट सबसे आसान, शार्टकट और सीधी रोड कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस लिहाज से भी यह एक काफी महत्वपूर्ण पुल है। पहले यहां एक फुट ब्रिज था, जो बाद में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे लोग भारी परेशानी में थे, उनकी मांग फुट ब्रिज बनाने की थी लेकिन हमने यहां सीधा सड़क संपर्क स्थापित करने के लिए मोटर योग्य पुल की डीपीआर बनाकर भेजी थी। जिसे अब मंजूरी मिल गई है। यह इलाके का पहला मोटरेबल ब्रिज है।
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डॉ. सुनील भारद्वाज, विधायक, रामनगर