भागवत कथा में मौजूद श्रद्धालु।
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उधमपुर। शहर के साथ लगते फंग्याल-रठियान गांव के रत्ना मोती फार्म में आयोजित श्रीमद् देवी भागवत कथा रविवार को चौथे दिन भी जारी रही। इसमें काफी संख्या में स्थानीय और आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
कथावाचक संत सुभाष शास्त्री ने संगत को समझाया कि दुखी कोई रहना नहीं चाहता और सुख से कोई वंचित नहीं होना चाहता। शास्त्री महाराज ने कहा कि सत्य को छोड़ अन्य जितनी भी हमारी इच्छाएं हैं, वह हमें दुख ही देती हैं। यह इस मायावी संसार का नियम है कि एक इच्छा के पूरा होते ही दूसरी इच्छा का मन में जन्म हो जाता है। यह क्रम नित्य चला ही रहता है। उन्होंने कहा, सुखी होना है तो इच्छाओं को कम कर दो और पूर्ण रूप से सुखी होना है तो सत्संग के द्वारा पूर्णता का अनुभव करो। अल्प में सुख नहीं पूर्ण में ही सुख है, अतः सत्संग करो।