उधमपुर। प्रदेश सरकार की तरफ से सामाजिक कल्याण विभाग की विवाह सहायता योजना में किए गए बदलाव से गरीब परिवारों को बेटियों की शादी में काफी राहत मिली है। इसमें मुख्य रूप से सरकार ने अहम राहत देते हुए शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता को 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2028 तक हटा लिया है।
गौरतलब है कि पहले लाभ लेने के लिए आठवीं पास होना जरूरी था। इस कारण कई योग्य बेटियों के आवेदन अस्वीकृत हो जाते थे। इसके अतिरिक्त अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) राशन कार्ड धारक परिवारों की बेटियों की शादी के लिए राज्य विवाह सहायता 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार कर दी है। हालांकि पीएचएच राशन कार्ड धारकों के लिए सहायता राशि 50 हजार रुपये है। फिलहाल नियमों में बदलाव से बेटियों की शादी को लेकर चिंतित गरीब परिवार काफी राहत महसूस कर रहें हैं।
जिला समाज कल्याण विभाग के मुताबिक साल 2024-25 में कुल 1776 लाभार्थियों को इस योजना का लाभ दिया गया है जबकि साल 2025-26 में अभी तक 684 आवेदन डिलीवर किए गए हैं। 576 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं। इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन भी शामिल किए जा रहे हैं।
नियमों में ढील से काफी राहत मिली है। पहले शैक्षिक योग्यता की बाधा से कई बेटियों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। शैक्षिक योग्यता की बाधा को हटाने से काफी राहत मिली है।
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ममता देवी, पंचैरी
अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) राशन कार्ड धारक परिवारों की बेटियों की शादी के लिए विवाह सहायता राशि को बढ़ाकर 75 हजार किया जाना सराहनीय पहल है। इससे गरीब परिवारों को काफी राहत मिली है। सरकार से अपील है कि पीएचएच राशन कार्ड धारक परिवारों की बेटियों की शादी के लिए भी इस सहायता राशि को बढ़ाया जाए।
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ऊषा देवी, पंचैरी
नियमों में ढील से काफी राहत मिली है। सरकार से अपील है कि इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष जागरूकता शिविर लगाए जाएं। प्रचार- प्रसार के अन्य तरीकों पर भी जोर दिया जाए ताकि दूरदराज इलाकों का कोई भी परिवार वंचित न रहे।
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सुषमा देवी, पंचैरी
सरकार की पहल ने गरीब परिवार के भार को हल्का कर दिया है। यह पहल न सिर्फ विवाह में सहायक बन रही है बल्कि इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को काफी बल मिला है। सरकार से आग्रह है कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए इस तरह की और भी योजनाएं लागू की जाएं।
-निशा देवी, मोंगरी
योजना के प्रचार-प्रसार और जागरूकता के लिए शिविर लगाकर जानकारी दी जा रही है। हमारा प्रयास है कि कोई भी योग्य लाभार्थी बेटी इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।
- कनिका गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी