उधमपुर। ओमाडा मोड़ स्थित रख बडाली में एक दिवसीय सत्संग का आयोजन किया गया। इसमें संत सुभाष शास्त्री महाराज ने संगत को सत्संग से निहाल किया।
उन्होंने अपने प्रवचनों में कहा कि बिना गुरु कृपा के प्रभु नहीं मिलते और मिल भी जाए तो अभेद बोध नहीं होगा। उन्होंने भक्त धन्ना की कथा सुनाई। भगवान ने धन्ना से कहा कि अभी मैं तुमसे मिलता हूं, तो फिर बिछुड़ भी जाता हूं, यह अज्ञान है। वास्तव में मैं तुझसे कभी बिछड़ा ही नहीं और बिछुड़ सकता भी नहीं। यह ज्ञान बिना सद्गुरु के नहीं हो सकता। यदि सद्गुरु का दर्शन, उनका अमृतमय सत्संग मिल जाए तो उसे जीवन में उतार लें, तो निश्चित ही बिना किसी अन्य प्रयास के जन्म-मृत्यु का भय मिट जाता है।
अतः तुम स्वामी रामानंदाचार्य की शरण में जाओ, वे तुम्हारे संशयों का छेदन कर तुम्हें सत्य स्वरूप परमात्मा में प्रतिष्ठित कर देंगे। तब तुम मुझसे ऐसे मिलोगे कि फिर बिछुड़ ही नहीं पाओगे।