उधमपुर। जम्मू-कश्मीर टीचर्स ज्वाईंट एक्शन कमेटी (जेकेटीजेएसी) की मासिक बैठक यूटी अध्यक्ष विनोद शर्मा और जिला अध्यक्ष लेख राज परिहार के नेतृत्व में हुई। इसमें जिले के सभी ग्यारह जोन के जेकेटीजेएसी के कार्यकारी और शीर्ष निकाय के सदस्यों ने भाग लिया। इस दौरान मिड डे मील की बकाया राशि जारी करने और पुरानी पेंशन योजना शुरू करने की मांग की है।
अपने संबोधन में विनोद शर्मा ने शिक्षकों के वास्तविक और ज्वलंत मुद्दों को उठाया और शिक्षा मंत्री और स्कूल शिक्षा सचिव से जम्मू-कश्मीर के हजारों शिक्षकों के कल्याण के लिए इन मुद्दों को हल करने का आग्रह किया।
आरईटी योजना के तहत नियुक्त शिक्षकों के पक्ष में व्यापक स्थानांतरण नीति का ज्वलंत मुद्दा उठाते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस मुद्दे के समाधान की अपील की। उन्होंने कहा कि कैट ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियमितीकरण के बाद आरईटी सामान्य लाइन शिक्षकों के समकक्ष हैं और उनकी भर्ती के तरीके के आधार पर उनमें कोई अंतर नहीं किया जा सकता है और उन्हें जिले के भीतर स्थानांतरित किया जा सकता है।
एक जनवरी 2010 या उसके बाद नियुक्त कर्मचारियों के पक्ष में पुरानी पेंशन योजना के वास्तविक और ज्वलंत मुद्दे को उठाते हुए शर्मा ने सरकार से अपने वादे को पूरा करते हुए इसे लागू करने की अपील की। इसके अलावा मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) की बकाया राशि जारी करने के वास्तविक मुद्दे पर प्रकाश डालते हुए शर्मा ने कहा कि शिक्षकों ने मध्याह्न भोजन के सुचारू संचालन के लिए खाद्य सामग्री खरीदने के लिए अपनी जेब से धन (एक बड़ी राशि) का प्रबंध किया है, लेकिन 2025-26 के लिए कोई धनराशि जारी नहीं की गई है और शिक्षक अब इसे जारी रखने में असमर्थ हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस मामले पर संज्ञान लेने और मध्याह्न भोजन के तहत लंबित बकाया राशि जारी करने की अपील की, अन्यथा उन्हें मध्याह्न भोजन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
इसके साथ ही उन्होंने जम्मू स्कूल शिक्षा निदेशक से शिक्षकों की मास्टर्स में डीपीसी जारी करने की भी अपील की, जो गतिरोध से बचने के लिए लंबित है। उन्होंने 5 साल की अवधि पूरी कर चुके छूटे हुए आरईटी के नियमितीकरण के आदेश और आरआरईटी को शिक्षक ग्रेड द्वितीय/ तृतीय में परिवर्तित करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि हाल ही में निदेशक स्कूल शिक्षा जम्मू ने कुछ आरईटी को नियमित करने का आदेश जारी किया है और आरआरईटी को शिक्षक ग्रेड द्वितीय/तृतीय में परिवर्तित किया गया है, जो निदेशालय का सराहनीय कार्य है और लंबित मामलों के लिए भी यही आशा है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने शिक्षकों/मास्टरों के समयबद्ध बकाया को जारी करने, अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के समकक्षों के बराबर शिक्षकों का ग्रेड बढ़ाने, बिना प्रधानाध्यापक वाले स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की।
उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से कर्मचारियों के जीपी और अन्य सेवानिवृत्ति बकाया जारी करने के मामले में हस्तक्षेप करने की भी अपील की, जो पिछले एक वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। इस अवसर पर शाम शर्मा, सुकेश खजूरिया, अशोक सेठ, प्रीतम गोस्वामी व अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।