चिनैनी। हर किसी को नौकरी मिलना जरूरी नहीं है। अपना काम (स्वरोजगार/उद्यमिता) करने में भी सफलता मिलती है, जो अक्सर ज्यादा संतुष्टि और स्वतंत्रता देती है। नौकरी सुरक्षा और स्थिरता देती है, जबकि अपना काम जुनून और स्वावलंबन को पूरा करता है। इन दिनों चलयाड़ पंचायत की एक युवती दूसरों को भी आत्मनिर्भर बना रही है।
अभी दीक्षा ठाकुर चिनैनी में परिवार के साथ रहती है। भाई-बहनों में सबसे बड़ी दीक्षा का शुरू से ही सपना था कि वह आत्मनिर्भर बने, नौकरी पर निर्भर न रहे। उन्होंने पढ़ाई करने के बाद सबसे पहले ब्यूटी पार्लर खोलने का निर्णय लिया। इसके बाद प्रशिक्षण लिया। कोर्स पूरा हुआ तो वार्ड एक में कार्य को शुरू किया। इसके लिए परिवार का पूरा सहयोग मिला। अब वह अन्य युवतियों व महिलाओं को भी कार्य सीखा रही हैं। कुछ ने तो अपना काम भी शुरू कर दिया है।