उधमपुर। जिले में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के भीतर ठोस कूड़ा प्रबंधन अधिनियम, 2026 के क्रियान्वयन की समीक्षा को लेकर जिला उपायुक्त अनंत द्विवेदी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक की गई। बैठक के दौरान कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में कचरे के स्रोत पर ही चार-तरफा पृथक्करण यानी सोर्स सेग्रिगेशन, वैज्ञानिक तरीके से कचरे का संग्रहण और निस्तारण, खुले में कचरा फेंकने पर रोक तथा थोक कचरा उत्पन्न करने वाले जेनरेटर्स की जवाबदेही तय करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा पॉल्यूटर-पेज सिद्धांत, यूजर चार्ज की वसूली, डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शी रिपोर्टिंग जैसे बिंदुओं पर भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया।
जिला उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कचरे के स्रोत पर पृथक्करण के नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए और अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त इस पूरी प्रक्रिया की मैदानी स्तर पर बारीकी से निगरानी करें। उन्होंने संबंधित विभागों को जन जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए ताकि आम जनता को कचरे के सही रख-रखाव, पृथक्करण और नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया जा सके। प्रशासन की ओर से साफ-सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए अधिकारियों से कहा गया कि नियमों की अवहेलना करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस समीक्षा बैठक का मुख्य उद्देश्य पूरे जिले में स्वच्छता का स्तर ऊंचा उठाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।