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Udhampur News: देविका नदी किनारे एसटीपी-2 की मरम्मत के दौरान अवैध खनन, ठेकेदार पर 53 हजार जुर्माना

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उधमपुर। राष्ट्रीय नदी कायाकल्प परियोजना के तहत संरक्षित पावन देविका नदी के अस्तित्व और किनारे बसे रिहायशी इलाकों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का एक बड़ा मामला सामने आया है। इसमें जिला माइनिंग अधिकारी ने तुरंत ठेकेदार पर कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर और जेसीबी को सीज करते हुए 52,907 रुपये का जुर्माना किया है।
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वर्ष 2025 में भारी बारिश के कारण देविका किनारे स्थित सीवरेज प्रणाली के ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी-2) को पहुंची क्षति को दुरुस्त करने के लिए यूईईडी विभाग द्वारा लगभग एक करोड़ रुपये की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा रहा था। इस परियोजना के तहत ठेकेदार द्वारा पूर्व में लगभग 40 से अधिक क्रेट वॉल का निर्माण किया गया। इसमें विभागीय दावों के अनुसार देविका से पत्थरों का इस्तेमाल नहीं किया गया था लेकिन शुक्रवार को स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब मरम्मत कार्य में जुटी जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर की मदद से देविका नदी के भीतर से बड़े-बड़े बोल्डर और पत्थरों को निकालने तथा उन्हें तोड़ने का काम शुरू कर दिया गया।
इतना ही नहीं, त्रिकुटा नगर वेस्ट के जिस रास्ते से भारी मशीनों को देविका नदी में उतारा गया, उससे स्थानीय रिहायशी इलाके के सीवरेज चैंबर और नालियों को क्षति पहुंची। इस मनमानी से आक्रोशित स्थानीय निवासियों ने मौके पर एकत्रित होकर कड़ा ऐतराज जताया और काम रुकवा दिया। निवासियों का आरोप था कि एक तरफ देविका पवित्र एवं राष्ट्रीय नदी संरक्षण परियोजना का हिस्सा है, वहीं दूसरी तरफ बिना किसी वैध अनुमति के नदी से अवैध रूप से पत्थर निकाल कर एसटीपी मरम्मत कार्य में इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। शहरवासियों ने चेतावनी दी कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ करने के कारण आगामी बारिश और बाढ़ के दौरान किनारे स्थित मकानों तथा सुरक्षा दीवारों को सीधा खतरा पैदा हो गया है।
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स्थानीय निवासियों द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से शिकायत की गई। शिकायत का संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग, जिला माइनिंग विभाग और राजस्व विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। माइनिंग विभाग की टीम ने जब स्थल का निरीक्षण किया तो पाया कि बिना किसी विभागीय अनुमति के देविका नदी से छेड़छाड़ की जा रही है और अवैध माइनिंग के प्रयास किए गए हैं। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए खनन विभाग ने मौके पर ही निर्माण कार्य को पूरी तरह बंद करवा दिया और आरोपी ठेकेदार पर जुर्माना करने सहित मशीनों को सीज कर दिया। पूरे घटनाक्रम पर यूईईडी विभाग ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि ठेकेदार काफी समय से मरम्मत का कार्य संभाल रहा था और अब तक नदी के पत्थरों का प्रयोग नहीं किया गया था। शुक्रवार को नदी से पत्थर निकालने के जो भी प्रयास किए गए, उनके लिए विभाग द्वारा कोई अनुमति या दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए थे।
कोट
जम्मू-कश्मीर माइनर मिनरल कंसेशन, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और अवैध खनन रोकथाम अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की गई है। इसमें जुर्माना करने सहित मशीनों और वाहनों को जब्त किया गया है।
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सुनी शर्मा, जिला खनन अधिकारी

इस मुददे को लेकर शनिवार को एक बैठक रखी गई है। इसमें मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। जिसकी भी गलती पाई गई उस पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी।
-राजेश काचरू, एक्सईएन, यूईईडी विभाग
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