उधमपुर। प्री-लोक अदालत में आपसी समझबूझ और मध्यस्थता की एक सुखद मिसाल सामने आई है। लंबे समय से चल रहे मनमुटाव और अदालत तक पहुंचे तलाक के मामले में आखिरकार दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को फिर से अपनाने का फैसला किया। अदालत के हस्तक्षेप और वकीलों की समझाइश के बाद पति-पत्नी अपनी छोटी बेटी के साथ फिर से हंसी-खुशी एक साथ रहने पर सहमत हो गए हैं।
सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि पति-पत्नी के बीच व्यक्तिगत मनमुटाव से ज्यादा विवाद का मुख्य कारण पारिवारिक (ससुराल पक्ष) हस्तक्षेप था। इस पर सहमति जताते हुए तय हुआ कि पति अपनी पत्नी और अपनी बेटी को अपने कार्यस्थल बाड़ी ब्राह्मणा (जम्मू) ले जाएगा, जहां वे एक किराए के मकान में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण रूप से रहेंगे।
याचिकाकर्ता और उत्तरदाता अपने वकीलों के माध्यम से अदालत में पेश हुए। दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने और उनकी उपस्थिति में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद अदालत ने इस तलाक याचिका को समझौते के आधार पर समाप्त कर दिया।