उधमपुर। जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरियों की आउटसोर्सिंग को लेकर चल रही बहस के बीच वन विभाग में 1300 से अधिक अस्थायी कर्मचारियों को आउटसोर्स करने की तैयारी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। प्रस्ताव सामने आते ही वर्षों से काम कर रहे डेलीवेज कर्मचारियों में भारी रोष फैल गया। उन्होंने प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
इसी कड़ी में वन विभाग की कैम्पा योजना के तहत कार्यरत डेलीवेजरों ने उधमपुर में जोरदार प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि आउटसोर्सिंग का फैसला तुरंत वापस नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में पूरे जम्मू-कश्मीर में डेलीवेजर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 15 से 20 साल से विभाग में सेवाएं दे रहे हैं और जंगलों की सुरक्षा से लेकर आग बुझाने तक हर काम में आगे रहते हैं, लेकिन अब सरकार उन्हें हटाकर निजी कंपनियों को ठेका देने जा रही है।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग से न केवल उनका रोजगार छिनेगा बल्कि जंगलों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने सरकार से नियमितीकरण की मांग करते हुए कहा कि कैम्पा योजना के तहत काम कर रहे सभी डेलीवेजरों को स्थायी किया जाए। कर्मचारियों ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो सचिवालय का घेराव भी किया जाएगा।