26 जनवरी 2026 को कन्याकुमारी से कश्मीर तक शुरू की थी अपनी दौड़ यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। नशा मुक्ति का संदेश लेकर निकले ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहने वाले मुंबई के मूल निवासी युवा ओम सतिजा सोमवार को ऐतिहासिक दौड़ के 105वें दिन उधमपुर पहुंचे। यहां से वह अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना हुए।
ओम सतिजा ने 26 जनवरी 2026 को कन्याकुमारी से कश्मीर तक की अपनी दौड़ यात्रा शुरू की थी। रोजाना 50 किलोमीटर दौड़ते हुए वह अब तक हजारों किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। ओम हर सुबह नई ऊर्जा के साथ यात्रा शुरू करते हैं। वे रास्ते में मिलने वाले लोगों को सामाजिक संदेश देते हैं।
उधमपुर में पत्रकारों से बात करते हुए ओम सतिजा ने कहा कि देश पढ़ा-लिखा होने के बावजूद आज भी कुष्ठ रोग से ग्रस्त लोगों के प्रति समाज में घृणा का भाव है। कई जगह उन्हें दुत्कारा जाता है जबकि वे भी हमारे जैसे ही इंसान हैं। हमें उनके प्रति संवेदनशील होना चाहिए और उनका ध्यान रखना चाहिए।
नशा मुक्ति पर ओम ने कहा कि आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में जा रहा है। युवाओं को प्रेरित करने की जरूरत है कि वे अपनी ऊर्जा को पॉजिटिव कामों में लगाएं। अगर हम समाज से कुछ ले रहे हैं तो समाज को वापस भी देना चाहिए। नशा न सिर्फ शरीर बल्कि पूरे परिवार को बर्बाद कर देता है। उधमपुर पहुंचने पर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ओम सतिजा का स्वागत किया। अधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर उन्हें सम्मानित किया और उनकी हौसला अफजाई करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मूल रूप से मुंबई के रहने वाले ओम सतिजा वर्तमान में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में रहते हैं। देश प्रेम और सामाजिक सरोकार से जुड़े ओम ने भारत में फैली सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए यह अनोखा कदम उठाया है। उनकी यह दौड़ कश्मीर में समाप्त होगी।
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