उधमपुर। शहर से लगभग 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित रामनगर में 180 वर्ष पुराने ऐतिहासिक महल दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षक का केंद्र बने हुए हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग इस विरासत को देखने के लिए रामनगर पहुंचते हैं, लेकिन यहां ठहरने के लिए होटल,गेस्ट हाउस या अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव पर्यटकों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है।
रामनगर में पर्यटन लगातार बढ़ रहा है, लेकिन यहां ठहरने की सुविधाएं पर्यटकों की संख्या के मुकाबले बेहद अपर्याप्त हैं। जानकारी के मुताबिक एक वर्ष में 8 हजार से अधिक लोग रामनगर के महलों में घूमने आते हैं। बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों के लिए रात में ठहरने के लिए प्रयाप्त सुविधा नहीं है। वर्तमान में रामनगर में कुछ गेस्ट हाउस और सराय माैजूद हैं। इनमें लगभग 50 लोगों के ठहरने की व्यवस्था है। राजीव शर्मा, कालीदास, सुभाष शर्मा और अन्य स्थानीय नागरिकों व व्यापारियों का कहना है कि बड़ी तहसील और इतनी आबादी होने के बावजूद यहां रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। रामनगर आज भी पर्यटन सुविधाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। महल देखने आने वाले पर्यटक मजबूरी में उसी दिन वापस लौट जाते हैं। नृसिंह मंदिर, समाधि पार्क, किला और रानी पार्क भी हैं लेकिन रात को ठहरने कि सुविधा न होने से दूरदराज के लोग उसी दिन वापस लोट जाते हैं। इससे स्थानीय व्यापार और रोजगार के अवसरों पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। यदि रामनगर में होटल, धर्मशाला और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएं तो न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। इसी के साथ रामनगर को जिला बनाए जाने कि मांग पर भी जोर पड़ेगा। लोगों का तर्क है कि जिला बनने से प्रशासनिक सुविधाएं बेहतर होंगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी। व्यपार, इलाज या पारिवारिक काम से आने वाले लोगों को आसपास के क्षेत्रों में रुकना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। इस क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध नरसिंह मंदिर में जम्मू सहित दूर-दराज से श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए आते हैं। मंदिर में समय-समय पर पूजा, भंडारा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। बाहर से आने वाले लोगों को रहने के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं हैं और उन्हें मजबूरन आसपास के क्षेत्रों में ठहरना पड़ता है या उसी दिन वापस जाना पड़ता है। स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासन से मांग की है कि रामनगर में ठहरने की सुविधाएं विकसित की जाएं, ताकि बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।