उधमपुर। मां राजराजेश्वरी आश्रम में विश्व ध्यान दिवस के अवसर पर ध्यान शिविर आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में साधकों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया।
आश्रम प्रभारी महात्मा शमा बाई की देखरेख में प्रभु प्रेमियों ने ध्यान के गूढ़ रहस्यों को सीख कर अपने मन मंदिर में भगवान का ध्यान कर आत्मकल्याण के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य ध्यान के माध्यम से मानसिक शांति एवं आत्मोन्नति के मार्ग को प्रशस्त कर मानव जीवन को सफल और सार्थक करना था। इस अवसर पर बोलते हुए महात्मा शमा बाई ने कहा कि सच्चिदानंद (सत+चित्त+आनंद ) स्वरूप परमात्मा सबके हृदय में विराजमान है। उसमें मन को जोड़ने से ही परमानंद की प्राप्ति होती है और जीव का कल्याण होता है। उन्होंने समझाया कि प्रत्येक मानव का कर्तव्य है कि वह समय के तत्वदर्शी महापुरुष की शरणागत होकर आत्मज्ञान प्राप्त कर सतत साधना मार्ग को अपनाए।