उधमपुर। प्रधान सत्र न्यायाधीश उधमपुर ने रामनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के संबंध में दायर सात जमानत और अग्रिम जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
यह मामला वित्तीय गबन और जाली सरकारी दस्तावेजों के एक बड़े मामले से संबंधित था। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उधमपुर पुलिस की दलीलों से सहमति जताते हुए कहा कि यह मामला गंभीर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है।
इसमें सरकारी धन का दुरुपयोग और जाली रिकॉर्ड तैयार करना शामिल है। अदालत ने आगे कहा कि जांच एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण में है और इस समय आरोपियों को रिहा करने से सबूतों से छेड़छाड़, गवाहों को प्रभावित करने और चल रही जांच में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इन निष्कर्षों के साथ चल रही जांच को महत्वपूर्ण समर्थन देते हुए सभी सात आवेदनों को खारिज कर दिया गया।