उधमपुर। आईटीबीपी के स्थापना दिवस पर गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने कहा कि बीते कुछ सालों में डिजिटल इंडिया के तहत देश में विज्ञान और तकनीकी के क्षेत्र में काफी प्रगति हुई है। इसके चलते आईटीबीपी व अन्य सुरक्षा बलों की तरफ से इस ओर तेजी से कदम बढ़ाए गए हैं। सरकार का निरंतर प्रयास है कि आईटीबीपी और सीएपीएफ को आधुनिक हथियारों, उपकरणों और सुविधाओं से लैस किया जाए, ताकि हमारे वीर जवानों को अपने कर्त्तव्य में मदद मिल सके।
उन्होंने कहा कि आईटीबीपी ने शहीदों और उनके परिवारों के लिए भी विशेष योजनाएं शुरू की हैं। शहीदों के सम्मान में 181 शहीदों के नाम पर सड़कों व पार्कों के नाम रखे गए हैं। हमारी सरकार आईटीबीपी के जवानों के लिए हमेशा प्रयासरत है। इस वर्ष आईटीबीपी में 5900 से अधिक पदों पर नियुक्तियां की गई हैं और यह प्रक्रिया ऑनलाइन व अन्य प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता के साथ पूरी की गई हैं।
उन्होंने कहा कि सिविक एक्शन प्रोग्राम के तहत आईटीबीपी स्थानीय जनता को मछलीपालन, मुर्गीपालन और मधुमक्खी पालन आदि का प्रशिक्षण देने के साथ रोजगार मेलों और विशेष भर्ती अभियानों चलाकर रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। खासकर आपदाओं के समय आईटीबीपी हमेशा राहत और बचाव कार्यों में सबसे आगे रहती है। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद या जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी अभियानों में बल के जवानों ने शौर्य का परिचय दिया है। आल वुमेन माउंटेनियरिंग में आईटीबीपी की 14 महिला हिमवीरों ने हिस्सा लेकर लद्दाख में 7135 मीटर ऊंची चोटी फतह की। सीमा पर ड्रोन निगरानी, सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।