भद्रवाह। जम्मू विश्वविद्यालय के भद्रवाह परिसर में क्रायोस्फीयर परिवर्तन और सतत विकास पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हो गया।
समापन सत्र के मुख्य अतिथि विधायक रामनगर डॉ. सुनील भारद्वाज ने जोर दिया कि पर्वतीय पारिस्थितिकी प्रणालियों की रक्षा के लिए नीतिगत निर्णय लेने में विद्वानों के शोध और क्षेत्र-आधारित साक्ष्य को शामिल किया जाना चाहिए।
डॉ. भारद्वाज ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय हिमालयी क्षेत्र एक ऐसे महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है जहां तेजी से बदलते जलवायु परिवर्तन के कारण मजबूत नीतिगत हस्तक्षेप, जमीनी स्तर पर भागीदारी और निरंतर वैज्ञानिक निगरानी की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि प्रो. दीपांकर सेनगुप्ता ने युवा शोधकर्ताओं, विद्वानों और छात्रों, विशेष रूप से डिजाइन योर डिग्री कार्यक्रम के छात्रों के लिए एक ऐसा मंच तैयार करने के लिए आयोजकों की सराहना की। जहां वे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों के साथ बातचीत कर सकें और क्रायोस्फीयर से जुड़ी पारिस्थितिक चिंताओं की गहरी समझ हासिल कर सकें।
भद्रवाह के अतिरिक्त उपायुक्त सुनील कुमार भुट्याल ने पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिकों को आकार देने में ऐसे सम्मेलनों के महत्व पर प्रकाश डाला।