उधमपुर। स्पेशल मोबाइल मजिस्ट्रेट की अदालत ने लापरवाही से वाहन चलाने और उससे जुड़े अन्य अपराध को लेकर चिनैनी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में आरोपी पर नरमी बरतते हुए उसे रिहा कर दिया।
यह फैसला उचित चेतावनी के बाद उसके अच्छे आचरण और अपराध स्वीकार करने पर लिया गया। अभियुक्त, परवेज अहमद मीर ने अपने वकील के माध्यम से आईपीसी की धारा 279, 337 और 338 के तहत अपराधों के लिए स्वीकारोक्ति आवेदन किया। इसमें कहा गया कि वह पेशे से ड्राइवर है और पहली बार अपराध किया है। वह अपराध स्वीकार करता है। अदालत की शर्तों का पालन करेगा इसलिए नरम रुख अपनाने का अनुरोध है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत लगाए गए आरोपों पर गौर किया। अदालत ने अभियुक्त के स्वीकारोक्ति पर ध्यान दिया। अपराधी के चरित्र, अपराधों की प्रकृति और पूर्व में दोषसिद्धि के अभाव को ध्यान में रखते हुए, न्यायालय ने अभियुक्त को सजा देने के बजाय, उचित चेतावनी के बाद अच्छे आचरण की परिवीक्षा पर रिहा करने का फैसला सुनाया। अदालत ने जब्त किए गए सभी दस्तावेजाे या वाहनों को सत्यापन के बाद पंजीकृत मालिक या सही दावेदार को सौंपने का आदेश दिया। जमानत और जमानत मुचलके को रद्द कर दिया गया और चालान का निपटारा कर दिया गया।