उधमपुर। जिला लीगल सर्विस अथारिटी ने सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल दिहाड़ी, रामनगर में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इसमे अथारिटी के पैनल वकील संजीत बवोरिया ने संसाधन व्यक्ति के रूप में छात्रों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।
बवोरिया ने बताया कि 18 वर्ष की आयु तक के किशोरों के अपराध किए जाने पर उन पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्यवाही की जाती है और उन्हें विधि विरोधी किशोर कहा जाता है और ऐसे बालक की किसी भी ढंग से पहचान प्रकट करने पर छह माह तक सजा या 2 लाख तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। बालकों से भीख मंगाने पर 5 वर्ष और बालकों को मादक पदार्थ देने या तस्करी में शामिल करने पर 7 वर्ष तक कठोर कारावास, शोषण करने पर 5 वर्ष, शारीरिक दंड देने पर 3 महीने तक की कारावास व जुर्माना हो सकता है।