मजालता। पंचायत सैल कोड़ी बेर में लुंका पानी से चंपारण्य ध्यानकेंद्र की कच्ची सड़क।
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मजालता। तहसील मजालता के अंतर्गत पंचायत सैल कोड़ी बेर के वार्ड नंबर 7 में स्थित लुंका पानी से लेकर चंपारण्य ध्यानकेंद्र तक की सड़क आज भी पूरी तरह से कच्ची है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि चंपारण्य ध्यानकेंद्र एक धार्मिक स्थल है। यहां दूर-दूर से हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं लेकिन जब सड़क ही चलने लायक नहीं है तो श्रद्धालुओं को भारी कठिनाई होती है। श्रद्धालु कीचड़ और गड्ढों से जूझते हुए मंदिर तक पहुंचते हैं।कई बार गाड़ियांं बीच रास्ते में ही फंस जाती हैं।
स्थानीय निवासियों की प्रशासन से मांग है कि जल्द से जल्द सड़क को पक्का किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं, स्कूली बच्चों और आमजन को राहत मिल सके और गांव विकास की ओर आगे बढ़ सके।
कोट
20 से 25 साल हो गए कच्ची सड़क बने हुए, लेकिन इस इलाके की सड़क की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बरसात के दिनों में यह सड़क कीचड़ और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो जाती है। इसके कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को रोजाना इस कच्ची सड़क से गुजरना पड़ता है, जोकि एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।
- स्थानीय निवासी केवल कृष्ण
हम रोज समय से पहले निकलते हैं ताकि सड़क की वजह से देर न हो लेकिन बारिश में सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाता है जिसके कारण स्कूल समय पर पहुंचना बहुत मुश्किल हो जाता है।
- रीता देवी, छात्रा