रियासी। जिला उपायुक्त कुमार अभिषेक ने खनन संबंधी बहुविभागीय जिला स्तरीय कार्य बल प्रकोष्ठ की बैठक की। इसमें खनन विभाग की अधिसूचना के तहत जारी निर्देशों के कार्यान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व, वन, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण और खनन विभागों के अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित उप-विभागीय मजिस्ट्रेट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे। कार्य बल ने एजेंडावार कार्रवाई रिपोर्ट की समीक्षा की, जिसमें विशेष रूप से अवैध खनन की रोकथाम, लघु खनिज परिवहन का विनियमन, प्रवर्तन उपाय और जल संसाधनों एवं सार्वजनिक अवसंरचना के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया गया।
खनन विभाग के प्रवर्तन प्रदर्शन की भी समीक्षा की गई। 2025-26 के दौरान 357 उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिसके परिणामस्वरूप 6.41 करोड़ रुपए की वसूली हुई, जबकि 2026-27 के दौरान अगस्त 2026 तक 126 उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ कार्यवाही की गई और 2.68 करोड़ की वसूली हुई।
उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को लघु खनिजों के अवैध निष्कर्षण, परिवहन और भंडारण के प्रति शून्य-सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी मजबूत करने का निर्देश दिया। उन्होंने समन्वित प्रवर्तन और क्रशर, हॉट मिक्स और वेट मिक्स संयंत्रों के नियमित निरीक्षण का आह्वान किया, साथ ही उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। बैठक में बताया गया कि जिले में नए लघु खनिज ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं। महत्वपूर्ण जल स्रोतों, विशेष रूप से झज्जर-कोटली नाले, जो कटड़ा शहर और श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय को पेयजल की आपूर्ति करता है और अंजी नाले, जो रियासी शहर के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत है के संरक्षण के उपायों की भी समीक्षा की गई। वजन मापने वाले पुलों की स्थिति की समीक्षा की गई और संचालकों को उचित वजन सुनिश्चित करने और प्रामाणिक रिकॉर्ड बनाए रखने का निर्देश दिया गया। टास्क फोर्स ने ई-चालान और जीपीएस आधारित निगरानी तंत्र के सख्त अनुपालन पर जोर दिया। अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर तहसील स्तरीय बहुविभागीय टास्क फोर्स की पाक्षिक रिपोर्टों, जिनमें निरीक्षण, ज़ब्ती और जुर्माने शामिल हैं, पर भी बल दिया गया।
अवैध परिवहन को रोकने में पुलिस विभाग के सहयोग की सराहना की गई और विशेष रूप से विषम समय में झज्जर कोटली नाला, जेडी, माहौर और चसाना जैसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सहायता और संयुक्त प्रवर्तन अभियानों का अनुरोध किया गया। खनन विभाग को मौके पर सत्यापन और लागू जुर्माने और राजस्व की वसूली के लिए संयुक्त प्रवर्तन टीमों को आवश्यक पीओएस मशीनें उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।