कटड़ा। रियासी के कंडा में आतंकी हमले में मारे गए बस के परिचालक अरुण कुमार (21) पुत्र हेमराज निवासी कंडयार का सोमवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों ने नम आंखों के साथ अंतिम विदाई दी।
परिचालक अरुण कुमार परिवार में इकलौता बेटा और कमाने वाला था। उसकी मौत के बाद से परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि अरुण ने आतंकियों का क्या बिगाड़ा था कि घर का चिराग ही बुझा दिया। जानकारी के अनुसार अरुण कुमार काफी दिनों के बाद बस के साथ शिवखोड़ी गया था। वह तीन बहना का इकलौता भाई था। उसकी तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। पिता मजदूरी करते हैं। ग्रामीण सोहन लाल, थोडू राम और पुरुषोत्तम कुमार आदि ने बताया कि अरुण कुमार का परिवार बहुत ही गरीब है। उसके पिता अधिक उम्र के होने के कारण कभी कभार ही मजदूरी कर पाते हैं। इस कारण परिवार का गुजारा अरुण की वजह से ही चलता था। बूढ़े मां-बाप का इकलौता सहारा भी छिन गया है।