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Udhampur News: महिलाओं ने हक की आवाज उठाई तो उधमपुर-जम्मू के लिए रोक दी ई-बस सेवा

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शहर के बस स्टाॅप पर ई-बस के इंतजार में खड़ी सवारियां। - फोटो : udhampur news
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उधमपुर। महिला यात्रियों और चालकों के बीच लगातार बढ़ रहीं बहसबाजी की घटनाओं के बाद शुक्रवार दोपहर से उधमपुर-जम्मू के बीच चलने वाली ई-बसों को बंद कर दी गई है। ये बसें स्मार्ट सिटी योजना के तहत चलाई जा रही हैं। इनमें महिलाओं को निशुल्क यात्रा सेवा मिल रही है। उधमपुर से जम्मू के लिए बसें फुल होकर आ रही थीं।
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जानकारी के मुताबिक महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा शुरू होने के बाद चालक और महिला सवारियों के बीच आए दिन बहसबाजी की घटनाएं हो रही थीं। एक तरफ महिला सवारियों का आरोप था कि बस में सफर के दौरान चालक और सह-चालक उनको फ्री सफर करने के ताने मारते हैं और ऐसा दुर्व्यवहार करते हैं जिससे उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचती है।

दूसरी तरफ चालकाें का आरोप था कि महिला सवारियां उनको बिना स्टाॅप वाली जगहों पर भी गाड़ी रोककर उतारने की जबरदस्ती और बहसबाजी करती हैं और कहना न मानने पर परिजन को बुलाकर धमकातीं हैं। यह सिलसिला बीते काफी समय से चल रहा था लेकिन महिला सवारियों के परिजन और चालकों के बीच हुई दो हालिया घटनाओं में जब पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा तो चालकों ने कंपनी से इसकी शिकायत कर दी। इस पर कंपनी ने शुक्रवार को ई-बसों को वापस बुला लिया और बिना किसी जानकारी के उधमपुर के लिए इनका संचालन रोक दिया है।
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एक सप्ताह में दो बार हुई बहसबाजी की घटनाएं

बीते एक सप्ताह में बहसबाजी की दो घटनाएं हुईं। पहली घटना में ई-बस में सफर कर घर पहुंची शहर की एक युवती ने अपने परिजनों से शिकायत की कि ई-बस का चालक रास्ते भर महिलाओं को फ्री सफर के ताने सुनाता रहा। इससे वे इस कदर आहत हुई कि घर पहुंचकर रो पड़ी। इससे गुस्साए परिजनों ने अड्डे पर बस रोकी और चालक के खिलाफ मामला दर्ज कराने की धमकी दी। बाद में पुलिस टीम ने आपसी सहमति से मामला सुलझा दिया।
दूसरी घटना शुक्रवार को पेश आई, जिसमें एक युवती ने चालक को बट्टल बालियां में उतारने को कहा लेकिन चालक ने उसे करीब पांच किलोमीटर आगे गोल मेला स्टॉप पर उतारा, जिससे युवती को घर पहुंचने में परेशानी हुई। उसने परिजनों से शिकायत की। बाद में पिता कार लेकर बस अड्डे पंहुचा और चालक से हाथापाई कर डाली। मामला थाने पहुंचा लेकिन इस बार भी दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला सुलझ गया और कोई शिकायत नहीं हुई। बाद में चालकों ने कंपनी को इसकी जानकारी दी। इस पर कंपनी ने चालकों को बसें खाली कर जम्मू लाने को कह दिया।



ई-बस सेवा शुरू होने के बाद उधमपुर और जम्मू के बीच का सफर काफी सुखद और सुरक्षित हो गया था, लेकिन अब बीते दो दिनों से सेवा बंद होने से समस्या पेश आ रही है। सरकार को समस्या का समाधान कर जल्द सेवा बहाल करनी चाहिए।

-स्वर्णा देवी, स्थानीय निवासी

ई-बस सेवा को एक सुनियोजित साजिश के तहत बंद करने का प्रयास किया गया है। निजी बसों में चालकों और महिला सवारियों के बीच बहसबाजी नहीं होती हैं जबकि ई-बसों में अक्सर ऐसी घटनाएं हो रही थीं। सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए।
-कमलेश कुमारी, स्थानीय निवासी

सरकार ने महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा शुरू कर राहत तो दी थी लेकिन इसमें इनकी टिकट के लिए बुकिंग काउटंर तक नहीं बन पाए। इसके चलते महिलाओं को बस में सवार होने के लिए धक्कामुक्की तक करनी पड़ रही थी।

-पूजा देवी, स्थानीय निवासी

सरकार ने एसआरटीसी और ई बसों में महिलाओं के लिए फ्री-सफर तो शुरू कर दिया है लेकिन जरूरत के मुताबिक इनकी संख्या को नहीं बढ़ाया है। अब जो चंद बसें उधमपुर और जम्मू के बीच चलती हैं, उन्हें भी बंद कर दिया गया है।
-डॉली गुप्ता, स्थानीय निवासी


ई-बसें रूटों पर चल रही हैं। बस क्यों नहीं आई हैं इस बारे में जानकारी ली जाएगी। महिलाओं सहित अन्य लोगों को लाभ दिया जा रहा है।
- डाॅ. देवांश यादव, सीईओ, स्मार्ट सिटी
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उधमपुर की घटना में स्थानीय युवाओं ने बस रोककर बिना स्टाॅप के ही बस रोकने के लिए चालक पर दबाव बनाया। मना करने पर स्टाफ के साथ हाथापाई की जिससे बीते तीन दिनों से यह बस सेवा बंद की गई है। सोमवार को उधमपुर जाकर मामले में जिन युवकों ने घटना को अंजाम दिया है उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
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- नरेंद्र सिंह, ऑपरेशन इंचार्ज, स्मार्ट सिटी ई-बस सेवा
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