डोडा/भद्रवाह। भद्रवाह के जाई इलाके में वीरवार रात हुई हिंसक झड़प में 30 वर्षीय आरिफ की असमय मृत्यु ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। इस घटना के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए डोडा और भद्रवाह में प्रशासन ने एहतियातन इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह निलंबित कर दी हैं। पुलिस और सुरक्षाबलों ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं, ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही बाजार स्वतः बंद हो गए और भद्रवाह में तनावपूर्ण माहौल व्याप्त हो गया। जुमे पर दोपहर की नमाज के बाद स्थिति ने तब और तूल पकड़ लिया जब लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस घटना का सबसे दुखद पहलू पीड़ित आरिफ के परिवार की स्थिति है। बबलू भट्ट ने बताया कि आरिफ पेशे से एक ऑटोरिक्शा चालक था और परिवार का एकमात्र भरण-पोषण करने वाला सदस्य था। उसके पीछे अब तीन वर्ष का एक मासूम बालक है, जबकि उसकी पत्नी आठ माह की गर्भवती है। पिता की मौत के बाद नन्हे बालक के सिर से साया उठ गया है और आने वाले बच्चे का भविष्य भी अब अंधकारमय नजर आ रहा है। भाला देराना के निवासियों और परिजनों ने जब आरिफ की मृत्यु की खबर सुनी तो उन्होंने भद्रवाह-डोडा सड़क मार्ग को घंटों जाम कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
उच्चस्तरीय जांच और मुआवजे की मांग-
सड़क जाम की स्थिति को देखते हुए डीआईजी डोडा-किश्तवाड़ रेंज सरगुन शुक्ला और एसएसपी डोडा कार्तिक शरोत्रिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों और परिजनों के बीच हुई बातचीत के बाद प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ठोस आश्वासन दिया है, जिसके उपरांत प्रदर्शन को शांत किया गया।
शव परिजनों को सौंपा
जीएमसी डोडा के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट इरफान तसदुक ने घटना के बाद की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा तीन लोगों को अस्पताल लाया गया था, जिनमें से आरिफ की मृत्यु हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, इस संघर्ष में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एक जवान के सिर पर गंभीर चोट है, जबकि दूसरे के कंधे और शरीर पर चोटों के निशान हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार दोनों घायल जवान खतरे से बाहर हैं और उनका उपचार जारी है। इस पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान अभी लंबित है, जिससे स्थानीय लोगों में बनी बेचैनी अभी भी कम नहीं हुई है।
घायल जवानों के नाम
इस संघर्ष में तीन एसओजी जवान भी घायल हुए हैं। घायलों की पहचान स्पो विशाल कटोच (49), हेड कांस्टेबल राजन (50) और स्पो दलजीत सिंह के रूप में हुई है। इन सभी को प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी डोडा रेफर किया गया था। इस मामले में पुलिस ने एक धार्मिक उपदेशक को भी एहतियातन हिरासत में लिया है, हालांकि घटना में उसकी भूमिका अभी स्पष्ट नहीं है।