किश्तवाड़। जिला उपायुक्त पंकज कुमार शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को कृषि एवं संबंधित विभागों की बैठक आयोजित की गई। इसमें प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि विकास योजना के तहत छह वर्षीय कार्य योजना की तैयारी और क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वित, एकीकृत और परिणामोन्मुख दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। कहा कि इससे जिले में टिकाऊ कृषि विकास, उत्पादकता में वृद्धि और किसानों की आजीविका में सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्थानीय जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए ऐसे महत्वपूर्ण हस्तक्षेपों और परियोजनाओं की पहचान करें जो अगले छह वर्षों में किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए वास्तविक लाभ पहुंचा सकें।
उपायुक्त ने यह भी कहा कि योजना में उच्च उत्पादकता और जलवायु सहनशील फसलों के प्रचार, सिंचाई एवं जल प्रबंधन की उन्नत तकनीकों, पशुपालन और मत्स्य विकास के सशक्तीकरण तथा स्वयं सहायता समूहों और सहकारी समितियों के माध्यम से मूल्य संवर्धन जैसे नवाचारों को शामिल किया जाए। उन्होंने तकनीक आधारित समाधानों और संविलयन आधारित योजना निर्माण पर भी बल दिया ताकि जिले के कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों में संतुलित और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए एकीकृत कृषि विकास रणनीति के लिए सुझाव साझा किए। उपायुक्त ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी-अपनी विस्तृत कार्य योजनाएं 1 नवम्बर 2025 तक प्रस्तुत करें, ताकि जिला प्रशासन एक संयुक्त छह वर्षीय समग्र योजना उच्च अधिकारियों को स्वीकृति के लिए भेज सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त पंकज कोतवाल, कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ऋषि कुमार शर्मा, मुख्य योजना अधिकारी अखिल ठाकुर इत्यादि मौजूद रहे।