उधमपुर। जिला मुख्यालय से करीब 13 किलोमीटर दूर समरोली इलाके में मंगलवार देर रात को चट्टान गिरने पर राष्ट्रीय राजमार्ग करीब आठ घंटे तक बंद रहा। वहीं, बुधवार देर शाम तक जाम के कारण वाहन रेंगते रहे। सुबह दस बजे राजमार्ग खुला तो जाम की स्थिति पैदा हो गई। हालात इतने ज्यादा खराब हो गए कि उधमपुर में राजमार्ग पर करीब तीन हजार से अधिक वाहन जाम में फंस गया। सूचना मिलने के बाद एसएसपी ट्रैफिक जेएस जोहर स्वयं खुलवाने को उधमपुर पहुंच गए और दोपहर करीब दो बजे तक कुछ हद तक जाम खुलवाने में कामयाबी मिली।
जानकारी अनुसार मंगलवार देर रात करीब दो बजकर पांच मिनट पर पहाड़ से चट्टान राजमार्ग पर गिरी और वाहनों की आवाजाही पूूरी तरह से बंद हो गई। राजमार्ग बंद होने के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि रात के समय वाहन कम थे। सुबह होने पर दोनों तरफ सैकड़ों की सख्या में वाहन फंस गए। वहीं, फोरलेन राजमार्ग का निर्माण कर रही कंपनी को चट्टान को तोड़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। घंटों की मशक्कत करने के बाद बुधवार सुबह करीब दस बजे राजमार्ग से चट्टान हटाने को कामयाबी मिली। जब चट्टान हटाई गई तो तब तक उधमपुर से लेकर चिनैनी तक करीब तीन हजार वाहन फंस गए थे और जब वाहनों को निकलने की अनुमति मिली तो जाम की स्थिति पैदा हो गई। उधमपुर से लेकर चिनैनी तक राजमार्ग पर दोनों तरफ केवल हजारों वाहन नजर आ रहे थे। जब एसएसपी ट्रैफिक को पता चला कि राजमार्ग पर जाम लगा हुआ है तो वह बटोत से टीम लेकर उधमपुर पहुंचे और खुद जाम खुलवाने की जिम्मेदारी संभाल ली।
राजमार्ग पर हालात को सामान्य होते दोपहर के दो बज गए। इसके बाद जाम तो खुल गया था लेकिन वाहनों का रेंग-रेंग कर गुजरना जारी था। जाम में घाटी के साथ रामबन, डोडा, भद्रवाह, किश्तवाड़, चिनैनी जाने वाले यात्री वाहन भी घंटों फंसे रहे और यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। उधमपुर से चिनैनी तक पहुंचने को ही चार घंटे का समय लगा।
समरोली में चट्टान गिरने पर राजमार्ग बंद हुआ था। इस कारण घाटी की तरफ जा रहे करीब तीन हजार ट्रक फंस गए थे। जब राजमार्ग को खोला गया तो जाम की स्थिति पैदा हो गई। ट्रैफिक पुलिस नेशनल हाइवे अथारिटी से अपील करती है कि राजमार्ग के किनारे पर खुली सामग्री को राजमार्ग पर गिरने से रोकने की व्यवस्था की जाए, ताकि राजमार्ग बंद न हो और लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
-जेएस जोहर, एसएसपी ट्रैफिक