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जल जीवन मिशन : चार साल में सिर्फ 41 परियोजनाएं ही हुई पूरीं, 119 अधूरी

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पंचायत चिल्ड़ी के वार्ड नंबर एक में बनाए जा रहे पानी के टैंक का एक साल से बंद पड़ा निर्माण कार्
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संवाद न्यूज एजेंसी

उधमपुर। जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत घरों में स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए जिले में जलशक्ति विभाग की ओर से वर्ष 2022 में शुरू की गईं 160 परियोजनाओं में अभी तक 41 ही मुकम्मल हो पाई हैं। बता दें कि जिले में 1600 करोड़ रुपये की लागत से ये परियोजनाएं चल रही हैं।
हैरानी की बात है कि चार साल बीत जाने के बाद भी 119 परियोजनाओं का निर्माण कार्य कहीं 60 तो कहीं पर 70 प्रतिशत तक हो पूरा हो पाया है। फंड की कमी के चलते विभाग काम पूरा नहीं कर पाया है। हालांकि इन परियोजनाओं को पहले मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। सूत्रों की मानें तो अब केंद्र सरकार ने 2028 तक जेजेएम के तहत चल रही परियोजनाओं को पूरा करने का समय बढ़ाया है। क्योंकि योजना पूरे भारत में चल रही है।
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जिले की बात करें तो अधिकतर क्षेत्रों में विभाग की ओर से नई पाइपलाइन बिछाने, फिल्ट्रेशन प्लांट, वाटर टैंक सहित हर घर तक नल लगाने का काम पूरा कर लिया गया है और कई क्षेत्रों में अभी निर्माण कार्य अधर में है। चिलड़ी किथर, दराड़ खनेड़, पंचैरी, लोथरा, पट्टनगढ़, नगुलता, टंडार, लद्दा धार, गंडाला, पखलाई, सिया मेरी, गंध टॉप, बसंतगढ़, पखलाई, सेर मंजला, सत्यालता सहित अन्य कई क्षेत्रों के लोग आज भी पानी की किल्लत से परेशान हैं। लोग बावलियों व प्राकृतिक स्रोतों से पानी लाकर गुजारा कर रहे हैं। हालांकि, कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां पर पाइपलाइन बिछाने के बावजूद घरों तक पीने की आपूर्ति नहीं पहुंच पाई है।

प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर ग्रामीण
जिले के ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्र के लोग प्राकृतिक जलाशयों व बावलियों पर निर्भर हैं। इनमें ब्लॉक घोरड़ी, पंचैरी, चिनैनी, बसंतगढ़, रामनगर, सत्यालता, घोरड़ी, बरमीन, व पंचैरी के दूरदराज के गांव शामिल हैं। जलजीवन मिशन के तहत कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां पर पहली बार घरों में विभाग की ओर से नल लगाए जा रहे हैं। इनमें खनेड़, पंचैरी, लोथरा, पट्टनगढ़, नगुलता, टंडार, लद्दा धार, सिया मेरी, गंध टॉप, बसंतगढ़, पखलाई, सेर मंजला, सत्यालता आदि क्षेत्र शामिल हैं। यहां कई घरों में नल लग गए हैं जबकि बाकियों में लगाए जा रहे हैं।
फंड की कमी के चलते हो रही है देरी

निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदारों को फंड न मिल पाने के कारण परियोजनाएं पूरी होने में देरी हो रही है। इतना ही नहीं, आज भी जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कई निर्माण कार्य बंद पड़े हुए हैं। हालांकि विभाग की ओर से ठेकेदारों को अल्टीमेटम और नोटिस जारी करने के बावजूद निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ रही।
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कोट...















शेष 119 परियोजानाओं को जल्द पूरा करने का विभाग की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। आगामी वित्त वर्ष में फंड की कोई कमी नहीं होगी। इससे काम में तेजी आएगी। विभाग का लक्ष्य है कि 2025 में ही सभी परियोजनाएं मुकम्मल कर दी जाएं ठेकेदारों को भी हिदायत दे दी गई है।

- संदीप गुप्ता, एक्सईएन, जलशक्ति विभाग उधमपुर
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