उधमपुर। शहर की दुकानों के बाहर अतिक्रमण हटाने को लेकर की जा रही निशानदेही को लेकर नगर परिषद ने भी जिला प्रशासन की कारवाई का विरोध जताया है। नप अध्यक्ष डॉ. जोगेश्वर गुप्ता ने बताया कि फुटपॉथों को अतिक्रमण मुक्त किया जाना चाहिए, लेकिन दुकानों के शटर के साथ सटाकर निशानदेही करना गलत है। अगर जिला प्रशासन ने बिना नगर परिषद और दुकानदारों को विश्वास में लिए बिना कार्रवाई जारी रखी तो वह विरोध करते हुए पद से इस्तीफा दे देंगे।
नवनियुक्त डीसी इंदु कंवल चिब ने पदभार संभालते ही शहर के बाजारों को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम शुरू की है। इस दौरान उन्होंने बाजारों का दौरा कर दुकानदारों से सामान बाहर नहीं रखने के अपील की। वहीं, दुकानों के बाहर पहले रस्सी लगवाकर निशानदेही की और बाद में पीले रंग के पेंट से पक्की मार्किंग का काम काम शुरू कर दिया है। लेकिन अब दुकानदार नाराजगी जताने लगे हैं।
वीरवार को जब शहर के मुखर्जी बाजार में दुकानों के बाहर नगर परिषद की टीम निशानदेही का काम करने गई तो दुकानदारों ने मना कर लौटा दिया। इसके बाद व्यापार मंडल, चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज, स्वर्णकार संघ आदि के सदस्यों ने नगर परिषद के कार्यालय में पहुंच कर विरोध जताया। उन्होंने नप अध्यक्ष जोगेश्वर गुप्ता को बताया कि निशानदेही से दुकानदारों के साथ ही ग्राहकों को परेशानी हो रही है। लिहाजा इस काम को सुबह दुकानें खुलने से पहले या दुकाने बंद होने के बाद किया जाए। उन्होंने कहा कि जब दुकानदार अतिक्रमण के खिलाफ जारी कार्रवाई का सहयोग कर रहे हैं तो फिर दुकानों के बाहर मार्किंग करने की कोई जरूरत ही नहीं हैं। इसलिए नगर परिषद की ओर से ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। क्योंकि बार-बार की जा रही मार्किंग और दुकानदारों को अपने सामान को डिस्पले करने पर लगाई जा रही रोक से परेशानी हो रही है।
इससे कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है। इसलिए बेवजह दुकानदारों को तंग न किया। केवल उन दुकानदारों पर कारवाई की जाए जो दुकानों के बाहर बने फुटपॉथ पर अतिक्रमण कर रहे हैं। नप दुकानों के शटर के साथ सटाकर निशानदेही कर रही है, जोकि गलत है। जोगेश्वर गुप्ता ने कहा कि यह सभी कारवाई जिला विकास आयुक्त के निर्देशानुसार हो रही है। वह उनसे बात कर समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे। लेकिन अगर वह फिर भी कार्रवाई को जारी रखती हैं तो वह दुकानदारों के साथ मिलकर विरोध करेंगे और पद से इस्तीफ दे देंगे।