उधमपुर। विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्त अस्थायी कर्मचारियों ने बुधवार को स्थायी करने की मांग को लेकर डाक बंगला परिसर में सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। कई बार मांग उठाने के बाद भी स्थायी करने की कोई योजना तैयार नहीं की है। केवल झूठे आश्वासन दिए गए हैं। इसलिए अब निर्णय लिया है कि अगर जल्द मांग को पूरा नहीं किया तो 25 सितंबर से सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
जिले के विभिन्न हिस्सों से अस्थायी कर्मचारी कैजुअल लेबर यूनाइटेड फ्रंट के बैनर तले डाक बंगला परिसर में एकजुट हुए, जहां सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी। प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जम्मू से भी यूनाइटेड फ्रंट के पदाधिकारी पहुंचे थे, जिनमें महिला कर्मी भी शामिल थीं। कर्मचारियों ने बताया कि पिछले दिनों कर्मचारियों का शिष्टमंडल उपराज्यपाल और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मिला था। दोनों ने जल्द स्थायी कर्मचारी बनाने के लिए योजना तैयार करने का आश्वासन दिया था, लेकिन कई माह बाद भी स्थिति जस के तस है।
बताया कि प्रदेश में कैजुअल लेबर को 225 रुपये दिहाड़ी के हिसाब से वेतन दिया जा रहा है। मिनिमम वेज एक्ट लागू नहीं किया है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव में कैजुअल लेबर ने भाजपा को समर्थन दिया और भाजपा के विधायक व सांसदों ने जीतने के बाद सिर्फ आश्वासन ही दिए हैं। नियमानुसार सात वर्ष का अस्थायी कार्यकाल पूरा करने वालों को स्थायी किया जाता है। लेकिन उनको 15 वर्ष से भी अधिक समय बाद भी पक्का नहीं किया है। मजबूर होकर अब प्रदर्शन तेज करने को निर्णय लिया है। बताया कि 25 सितंबर को जम्मू में डिवकॉम कार्यालय के बाहर संभाग स्तर पर प्रदर्शन होगा। इसके बाद आगामी रणनीति तय की जाएगी।