उधमपुर। जीएमसी में दो महीने पहले थायराइड टेस्ट की मशीन आ गई थी लेकिन अभी इसे चालू नहीं किया गया है। इससे गर्भवती महिलाओं के साथ-साथ अन्य मरीजों को भी परेशानी हो रही है।
गौरतलब है कि रोजाना होने वाली अस्पताल की गायनी विभाग में 150 से 200 के करीब महिलाएं अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए आती हैं। इनमें से 30 से 40 गर्भवती महिलाएं हाेती हैं। उन्हें डाॅक्टराें की ओर से थायराइड का टेस्ट की जांच करवाने के लिए कहा जाता है लेकिन अस्पताल में थायराइड टेस्ट की सुविधा न होने के चलते उन्हें मजबूरन अधिक पैसे खर्च कर प्राइवेट क्लीनिकों में जाकर टेस्ट करवाना पड़ रहा है। हालांकि दो महीने पहले थायराइड टेस्ट की मशीन तो अस्पताल में आ गई है लेकिन अभी उसे चलाया नहीं गया है।
गौरतलब है कि अगर अस्पताल में थायराइड टेस्ट की सुविधा हो तो यह 50 रुपये में हो जाता लेकिन प्राइवेट क्लीनिक में इस टेस्ट के दाम 200 से शुरू होकर 600 तक होते हैं।
इस टेस्ट में भी कई तरह के ओर टेस्ट शामिल होते हैं। डाॅक्टरों की ओर से खासतौर पर इमरजेंसी में उन गर्भवती महिलाओं को थायराइड का टेस्ट जरूर लिखा जाता है, जिनका ऑपरेशन करना होता है।