- चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताए भीषण गर्मी से होने वाले नुकसान और बचाव के उपाय
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संवाद न्यूज एजेंसी
मजालता। इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे में लोग तेजी से बीमार हो रहे हैं। लू लगने के साथ ही डिहाइड्रेशन के मरीज भी बड़ी संख्या में अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। अधिकतर लोगों को अपने जरूरी कार्यों की वजह से गर्मी में ही बाहर निकलना पड़ता है। इस कारण वह लू की चपेट में आ रहे हैं।
बीते करीब दो सप्ताह से तापमान लगातार 40 डिग्री के करीब चल रहा है। गर्मी का तेवर आगे भी इसी तरह कायम रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक कुछ दिनों के लिए हल्की बारिश या बादल छाए रहेंगे। बाद में फिर से तेज लू चलेगी। वैवाहिक कार्यक्रमों का सीजन होने की वजह से लोगों को लगातार सफर भी करना पड़ रहा है। इस दौरान सही तरीके से खानपान न होने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञों की राय है कि गर्मी के प्रति गंभीर रहें और खानपान के साथ पहनावे पर विशेष ध्यान दें। गर्मी के मौसम में कई सारी बीमारियां होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है। इसलिए सेहत का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। गर्मी और लू लगने की वजह से पेट दर्द, टाइफाइड और पीलिया के जैसी अन्य बीमारियां हो सकती हैं।
गर्मी के दिनों में इन बीमारियों का खतरा अधिक
फूड प्वाइजनिंग :
गर्मी में बहुत ही ज्यादा सामान्य बीमारी है। इसमें वायरस, बैक्टीरिया और फंगस की बढ़ोतरी तेजी से होती है। ऐसे में यदि खाने को ज्यादा देर तक बाहर रख दिया जाता है तो खाना खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसी दूषित खाने को खाने से फूड प्वाइजनिंग भी हो सकती है।
लू लगना : गर्मी में यह भी एक बेहद आम बीमारी है। अक्सर तेज धूप के कारण होती है। इसमें कमजोरी महसूस होना, चक्कर आना, उल्टियां लगातार होने के जैसे अन्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
हर उम्र के लोगों पर लू लगने का खतरा
चिकित्सकों के मुताबिक लू लगने का असर हर आयु वर्ग के लोगों पर होता है। बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों सभी को खतरा होता है। शरीर में गर्मी की वजह से पानी की मात्रा कम हो जाती है। इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। लू का लगना केवल तात्कालिक असर नहीं डालता है। बल्कि प्रभावित मरीज के शरीर को भविष्य में दूसरी कई तकलीफों का भी सामना करना पड़ता है।
धूप में निकलना पड़े तो पूरी बाजू वाले कपड़े पहनें
सुबह के 11 बजे से शाम चार बजे तक तेज धूप होती है। ऐसे समय पर घर से बाहर निकलने से बचें। यदि किसी को इस समय पर बाहर जाना जरूरी है तो सूती ढीले कपड़े पहनकर निकलें और पूरे शरीर पर कपड़ा रखें। सिर पर टोपी भी लगाएं। साथ ही शुद्ध पानी पर्याप्त मात्रा में पीते रहना चाहिए। खाली पेट नहीं रहना चाहिए। बाहर की बनी चीजें खाने से परहेज करें।
हरी सब्जियों का अधिक सेवन करें
लू लगने की वजह से अस्पताल में ओपीडी बढ़ी है। कुछ मरीज भर्ती भी हो रहे हैं। इससे बचने के लिए पानी खूब पीएं। खाना खाकर ही घर से निकलें। हरी सब्जियां और छाछ आदि लेते रहें। खानपान पर विशेष ध्यान देते रहें तो लू से बचा जा सकता है। नींद भी पर्याप्त लेें। लगातार जागते रहने से भी समस्याएं आतीं हैं।
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डॉ. रजनीश, चिकित्सा अधिकारी, पीएचसी मजालता
गर्भवती हमेशा रहें सतर्क
गर्भवती को विशेष रूप से संभलकर रहने की जरूरत है। उनके शरीर में पानी की कमी से डिहाइड्रेशन होने पर पेट में पल रहे बच्चे के आसपास पानी की कमी हो सकती है। इससे गर्भ में पल रहे बच्चे को भी नुकसान हो सकता है। इसलिए गर्मी में संभलकर रहें।
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डॉ. नेहा शर्मा
बच्चों की त्वचा नाजुक, धूप में बाहर न निकलें
गर्मी का असर बच्चों पर अधिक होता है। इनकी त्वचा नाजुक होती है, इसलिए तापमान शरीर को प्रभावित करता है। बच्चे धूप में न निकलें। उबालकर शुद्ध पानी दें। ज्यादा ठंडा पानी नुकसान कर सकता है। डिहाइड्रेशन में बच्चा ज्यादा रोता है। वह दूध नहीं पीता है। होंठ सूख जाते हैं, ऐसे में तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए।
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डॉ. प्रदीप केसर, मजालता में तैनात