चिनैनी की पंचायत बप्प में चारपाई से मरीज को ले जाते हुए।
चिनैनी। जनाब क्या करें, दर्द की दवाई घर पर रखनी पड़ती है। नहीं तो इसके लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। यह दर्द चिनैनी सब डिविजन की पंचायत बप्प के ग्रामीणों का है। उन्होंने पंचायत में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग उठाई।
ग्रामीणों ने कहा कि कई बार पंचायत में पीएचसी खोलने की मांग उठाई गई है लेकिन अभी भी समस्या जस की तस है। ग्रामीण कई किलोमीटर दूर जाकर स्वास्थ्य केंद्र में अपना इलाज करवा रहे हैं। पंचायत बप्प के पूर्व सरपंच बलबान सिंह, पूर्व सरपंच फकीर सिंह, शेर सिंह और संसार चंद ने बताया कि पंचायत बप्प में सबसे दूर क्षेत्र मितला का है, जो सड़क से करीब छह किलोमीटर की दूरी पर है। इसके अलावा ढीग, कंदली, कनालसू भी सड़क से दूर है। पंचायत में करीब सात वार्ड हैं, जिनमें चार से पांच हजार की आबादी है। गांव में हायर सेकेंडरी स्कूल भी है, जहां करीब 600 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। कोई भी बीमार हो जाए तो उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए सराड़ या मानतलाई करीब चार से छह किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है। वहां पर भी पूरी तरह से इलाज न मिलने के बाद लोगों को सुद्धमहादेव या चिनैनी जाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि रविवार को कनालसू से बीमार बुजुर्ग को चारपाई से इलाज के लिए ले जाया गया। करीब 20 साल पुरानी मांग स्वास्थ्य केंद्र की है लेकिन अभी भी यह समस्या हल नहीं हुई है।
बैक टू विलेज और ब्लाॅक दिवस में भी कई बार उठाई गई समस्या
पंचायत बप्प के पूर्व सरपंच बलबान सिंह ने कहा कि बैक टू विलेज और ब्लाॅक दिवस में भी स्वास्थ्य केंद्र की मांग उठाई गई है। बैक टू विलेज में बप्प में पीएचसी, बरकूंडा में सब सेंटर और मितला में सब सेंटर की मांग उठाई गई है, जबकि ब्लाॅक दिवस में भी इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया लेकिन अभी तक उनकी इस मांग को हल नहीं किया गया। पालकी या चारपाई से मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना पड़ता है। घंटों सफर पैदल करना पड़ता और उसके बाद मरीजों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जाता है। रविवार को कनालसू में बीमार बुजुर्ग को चारपाई से लाया गया।
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क्या कहते हैं अधिकारी
डिप्टी सीएमओ डाॅ. मोहम्मद यासीन ने कहा कि लोगों की मांग पर बप्प में स्वास्थ्य केंद्र खोलने की रिपोर्ट भेजी गई है। मंजूरी मिलने के बाद ही अगली कार्रवाई शुरू होगी।