सीआरपीएफ के लापता हेड कांस्टेबल का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जखैनी स्थित सीआरपीएफ की 137 बटालियन के लापता हेड कांस्टेबल (मिनिस्टि्रयल क्लर्क) अभिषेक शर्मा एक साल पहले सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। उनकी शादी की बात चल रह थी। परिजन का कहना है कि लापता होने से पहले कोई विवाद, झगड़ा या परेशानी को लेकर कोई मामला नहीं आया था। अचानक लापता होना जांच का विषय है।
अभिषेक के पिता ओम प्रकाश शर्मा भी यूपी पुलिस में सब इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हैं। 15 जून को अभिषेक ने छुट्टी पर घर आने के लिए कहा था। परिजन के मुताबिक अभिषेक की शादी को लेकर बात चल रही थी। छुट्टी के दौरान उसे अपने मन मुताबिक लड़की पसंद करने और उसके बाद ही हां या ना करने की बात हुई थी। इसके लिए वो पूरी तरह से स्वतंत्र था। अगर प्रेम प्रसंग की कोई बात होती, तो परिजन से जरूर बात करते।
जखैनी से थाने तक का सफर जांच का बिंदु
गौर करने वाली बात यह है कि अगर अभिषेक बिना बताए कहीं चला गया होता, तो उसे जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे से शहर के बीचोंबीच पुलिस थाने की तरफ आने की क्या जरूरत थी। पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच कर रही है कि कहीं अभिषेक पुलिस थाने ही तो नहीं आ रहा था। क्या वो कोई शिकायत या अन्य मसले को लेकर पुलिस की मदद लेना चाहता था और थाने पहुंचने से पहले ही साजिश या षड्यंत्र का शिकार हो गया।
सीसीटीवी फुटेज में चप्पल पहने एमएच चौक से गुजरते दिखे...परिजन बोले-ऐसे हालात में कभी नहीं निकलते थे
एमएच चौक पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगाए सीसीटीवी अधिकतर बेकार पड़े हैं। एक कैमरे की फुटेज में करीब साढ़े सात बजे अभिषेक को एमएच चौक से टाउन हाॅल यानी पुलिस स्टेशन की ओर आते दिखे। उन्होंने चप्पल और सादे कपड़े पहन रखे थे। अंकुर ने बताया कि अभिषेक कहीं जाने से पहले पूरी तैयारी करता है। खासकर 5 किलोमीटर का भी सफर तय करना हो, तो उसके हाथ में पानी की बोतल जरूर होती है। उसे पानी की बार-बार आवश्यकता पड़ती है। लेकिन इस स्थिति में वो कैंप से पैदल शहर तक आया और फिर गायब हो गया, इससे चिंता बढ़ती जा रही है।