जिला अस्पताल से जीएमसी रेफर किए गए तीन वर्षीय मासूम की मौत पर घरवालों ने अस्पताल प्रशासन और डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है। घरवालों का आरोप है कि बच्चे को ठीक से नहीं देखा गया।
टीका लगाने के तुरंत बाद बच्चे की हालत नाजुक हो गई। सही उपचार करने के बजाय जीएमसी रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डाक्टर विजय साहनी ने कहा कि वह इस मामले की पूरी जांच करेंगे। इसमें जो भी दोषी पाया गया उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच एसएसपी विवेक गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने भी मामले की जांच का आश्वासन दिया है। मृतक के पिता बलवंत सिंह निवासी सलाल ने बताया कि उनके तीन साल के बच्चे जसबीर को बुखार था। उसे उल्टियां भी हो रही थीं। इसके चलते वह सोमवार की सुबह उसे जिला अस्पताल ले गए थे, लेकिन यहां बच्चों को देखने वाला डाक्टर नहीं मिला।
लंबे इंतजार के बाद दोपहर करीब एक बजे डाक्टर के पहुंचने पर उन्होंने बच्चे को दिखाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डाक्टर ने बच्चे को ठीक से नहीं देखा और टीका व दवाई लिखकर दे दी। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ही उन्होंने बच्चे को टीका लगवाया। लेकिन इसके तुरंत बाद ही उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद डाक्टरों ने उसे जीएमसी रेफर कर दिया। स्थानीय बस अड्डे पर पहुंचने पर ही उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
इसके बाद वह उसको फिर जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डाक्टरों ने फिर उसे सही तरीके से नहीं देखा और जम्मू जाने को कहा। इस दौरान बच्चे के दांत भींच गए थे। इसके बाद आनन-फानन में बच्चे को जम्मू लाए। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सोमवार की शाम करीब नौ बजे रियासी पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जिला अस्पताल के डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।